
तुमसर :– सामाजिक एकता को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय पंवार क्षत्रीय महासभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री इंजि.मुरलीधर टेंभरे की अध्यक्षता में व महासभा के पदाधिकारियों कार्यकारिणी सदस्यों एवं क्षेत्रीय सामाजिक संगोठनों के पदाधिकारियों की उपस्थिति में दिनांक 1 अगस्त 2021 दिन रविवार को राजा भोज पंवार मंगल भवन बस स्टेंड तुमसर (भंडारा) में *मां गढ़कालिका एवं चक्रवर्ती सम्राट महाराजा भोज के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर बैठक आयोजित की गई। जिसमें सर्वप्रथम कोविड – 19 विश्व व्यापी महामारी में संगठन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ कनिष्ठ सामाजिक बन्धुओं का दुखद निधन होने के कारण उन्हें महासभा द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रस्तावित बैठक में विषयों पर विचार विमर्श करते हुए राष्ट्रीय पंवार क्षत्रीय महासभा के नये कोषाध्यक्ष के रूप में पंवार युवा मंच नागपुर के अध्यक्ष श्री श्रावन जी फरकाड़े को तथा महासभा के सह सचिव के रूप में श्रीमती अल्पना राणा सिवनी को सर्व सहमति से प्रस्तावित किया गया। पिछ्ले वर्ष 29 नवबर 2020 को भंडारा(महाराष्ट्र) में सम्पन्न कार्यकारिणी सभा के कार्यवृत्त को सर्वसहमति से स्वीकृति प्रदान की गई।
राष्ट्रीय पंवार क्षत्रीय महासभा भारत के आनुषांगिक युवा एवं महिला समिति की निष्क्रियता को देखते हुए भंग कर महासभा के निर्वाचित उपाध्यक्ष को यह अधिकार सर्वसहमति से प्रदाय किया गया।
महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकारिनी सदस्य लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहते है तो उन्हें पद मुक्त कर अन्य सामाजिक व्यक्ति को स्थान देकर भरपाई की जा सकेगी।केंद्र एवं राज्य सरकारों की ओ बी सी सूची में पवार शब्द हट जाने पर उसे पूर्ववत रखे जाने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार महाराष्ट्र को ज्ञापन दिये जाने एवं भोयर पंवार महासंघ द्वारा निर्मित समिति को सहयोग करने हेतु तथा आगामी जनगणना के समय जातिगत जनगणना करने हेतु समर्थन निवेदन पत्र महाराष्ट्र सरकार और अध्यक्ष ओ बी सी महासंघ को प्रदान करने सर्वसहमति से प्रस्तावित किया गया।
सामाजिक एकता को दृष्टिगत रखते हुए वर्धा एवं बैनगंगा तटीय पंवारो के बीच कुछ सामाजिक बुद्धिजिवी बंधुओ के द्वारा भ्रामक भांति का प्रचार प्रसार होने के कारण राष्ट्रीय पंवार क्षत्रीय महासभा अध्यक्ष की हस्ताक्षर युक्त पत्र को सोशल मीडिया में व्हाटसएप गृपो के माध्यम से प्रसारित किया जाए कि वर्धा एवं वैनगंगा तटीय दोनों पंवारो के इतिहास के अनुसार कैसे एक हैं कब,कैसे, और किन तथ्यों को लेकर हमारा मिलन 1962 में हुआ है।जिसके लिए आगामी समय में महासभा द्वारा समाज के कुछ चुनिंदा बुद्धिजीवियों को आमंत्रित कर उनके विचारों को सुनकर समाज में व्याप्त भ्रांति को दूर कर एक माला में पिरोये जाने को लेकर महासभा के पदाधिकारियों सदस्यों एवं सामाजिक बंधुओ की गरिमा मई उपस्थिति में सभी प्रस्ताव पर पारित किए गए।





