
लांजी(श्रेयष तिडके व्दारा)–विद्युत विभाग लांजी के द्वारा NCCOEEE के आह्वान पर 3 फरवरी को संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया गया.इस संबंध में जानकारी देते हुए लांजी कनिष्ठ अभियंता अनिल गुप्ता ने बताया कि केंद्र शासन विद्युत क्षेत्र में वितरण कंपनियों के घाटे एवं उपभोक्ताओं को सुविधा के नाम पर औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए संपूर्ण विद्युत क्षेत्र का निजीकरण की योजना बना रही है. विद्युत क्षेत्र के विशेषज्ञों से बात न करके एवं चर्चा के लिए विद्युत क्षेत्र के संगठनों को समय न देकर एकतरफा निर्णय लेते हुए विद्युत सुधार अधिनियम 2020 एवं वितरण कंपनियों के लिए निजी करण हेतु एसबीडी लाकर निजीकरण करने जा रही है. जिससे आम उपभोक्ता किसानों एवं विद्युत क्षेत्र में कार्यरत सभी प्रकार के कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में होगा.
3 फरवरी को विद्युत विभाग लांजी कार्यालय में सभी कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप कामकाज बंद रखा और किसी भी प्रकार के विद्युत संबंधी कार्य नहीं किए. हालांकि पावर हाउस एवं विद्युत उप केंद्रों की शिफ्ट ड्यूटी को उक्त कार्य बहिष्कार से छूट मिली रही और इसका परिपालन कर्मचारियों द्वारा किया गया. इस बहिष्कार के दौरान जरूरी सेवाओं एवं सरकारी संस्थाओं में विद्युत सुधार एवं आपूर्ति पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ा इस बात का कर्मचारियों ने विशेष ध्यान रखा.
इस संबंध में आगे अनिल गुप्ता कनिष्ठ अभियंता लांजी ने बताया कि बहिष्कार के दौरान आपातकालीन सेवाएं जैसे अस्पताल वाटर सप्लाई कोर्ट आदि को छोड़कर किसी भी विद्युत व्यवस्था में सुधार कार्य नहीं किया गया. एवं सभी अधिकारी कर्मचारी अपने कार्यालय में शांतिपूर्ण ढंग से एकत्रित हुए. तथा लांजी के कर्मचारियों द्वारा इस बहिष्कार को सफल बनाया गया एवं सराहनीय प्रयास रहा.





