
, एसडीएम ने किया अनुमति से इंकार
– मंदिर में सेवा के नाम पर खुदाई का अवैध खेल
लांजी(श्रेयष तिडके)। अवैध खुदाई का मामला सामने आते ही जब इस संबंध में लांजी एसडीएम रविंद्र परमार ने किसी भी तरह की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। मामला लांजी तहसील मुख्यालय अंतर्गत रमपुरा मार्ग हुड़की तालाब का है जहां लांजी के नामी-गिरामी ठेकेदार महेपत कुषले के द्वारा जेसीबी और ट्रैक्टर के माध्यम से खुदाई और परिवहन का अवैध खेल खेला जा रहा था, 13 फरवरी को इस बात की जानकारी लगते ही मौके पर देखा गया कि वहां पर 5-6 ट्रैक्टर और जेसीबी लांजी एसडीएम रविंद्र परमार का नाम लेकर तालाब की खुदाई कर रहे थे।
विदित हो कि शासकीय तालाबों की खुदाई हेतु जिला कलेक्टर से अनुमति लेना अनिवार्य है और उनकी अनुमति पष्चात ही शासकीय तालाबों की खुदाई की जा सकती है, लेकिन एक निजी तथाकथित कंपनी और उसके मालिक द्वारा लांजी एसडीएम रविंद्र परमार के नाम की धौंस देकर कि एसडीएम से बात कर लिया हूं और उन्होने बोला है कि पतली-पतली खुदाई करके मिट्टी ले जाओं ऐसा कहते हुए ठेकेदार द्वारा अवैध खुदाई करने का मामला सामने आया है लेकिन जब ठेकेदार मेहपत कुषले से कहा गया कि एसडीएम से बात करवाओं तो ठेकेदार बगले झांकने लगा और बाद में बात करने की बात कही, वहीं जब इस संबंध में लांजी एसडीएम रविंद्र परमार से चर्चा की गई तो उन्होने बताया कि उनके पास कुछ लोग आए थे कि बालाजी मंदिर परिसर में मिट्टी के लिए शासकीय तालाब में खुदाई करनी है लेकिन उन्होने इस बाबद अनुमति नहीं दी।
उक्त तालाब में 01 बिना गाड़ी नंबर के ट्रैक्टर, अन्य तीन ट्रैक्टर वाहन क्रमांक एमपी 50/ए 7125, एमपी 50/एए 1690, एमपी 50/एए 2289 और जेसीबी वाहन क्रमांक एमपी 50/डीए 0230 के द्वारा कथित कंपनी बालाजी कंस्ट्रक्षन के द्वारा सुपरवाईजर को भेजकर शासकीय तालाब में खुदाई का कार्य किया जा रहा था, वहीं सुरपरवाईजर द्वारा मौके पर अन्य ट्रैक्टरों को भी बुलाया गया था जो तालाब में ठेकेदार और अन्य लोगों को देखकर मौके से भाग खड़े हुए।
– इनका कहना है
मेरे द्वारा किसी भी शासकीय तालाब की खुदाई के संबंध में कोई अनुमति नहीं दी गई है, नियम विरूद्ध अनुमति मै नहीं दे सकता यह अनुमति कलेक्टर द्वारा दी जा सकती है। बालाजी मंदिर में मिट्टी पाटने के नाम पर कुछ लोगों ने शासकीय तालाब से खुदाई की बात कही थी लेकिन मैने उन्हे स्पष्ट तौर पर मना कर दिया था, उसके बावजूद भी यदि खुदाई की जा रही है तो लिखित षिकायत मिलने या अन्य माध्यम से संज्ञान प्राप्त होने पर इस मामले में कार्यवाही की जाएगी।
(रविंद्र परमार, एसडीएम लांजी)





