
लांजी(श्रेयष तिडके)ः- शिवरात्रि पर कोटेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए प्रतिबंध 10 मार्च को लांजी एसडीम रविंद्र परमार द्वारा जारी निर्देशों के बाद हटा दिया गया है. विदित हो इसके पूर्व लांजी पुलिस थाने में आयोजित शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि 11 मार्च महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालुओं को कोटेश्वर मंदिर में दर्शन करने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. और कोरोना के कारण लिए गए इस फैसले पर 10 मार्च को पुनर्विचार करते हुए विभिन्न शर्तों के साथ लांजी एसडीएम ने 11 मार्च को शिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन करने की अनुमति प्रदान कर दी गई है. हालांकि इसके साथ ही लांजी एसडीएम ने कोरोना संबंधी नियमों का पालन करने के भी निर्देश जारी किए हैं. कोटेश्वर मंदिर लांजी में दोपहर 1:00 बजे एसडीएम रविंद्र परमार निरीक्षण के लिए पहुंचे इस दौरान थाना प्रभारी अरुण मर्सकोले, नगर परिषद सीएमओ देवेंद्र मर्सकोले तथा अन्य नागरिक गण मौजूद रहे.
– यह प्रतिबंध रहेंगे लागू
एक और जहां लांजी एसडीएम परमार ने शिवरात्रि पर कोटेश्वर मंदिर में दर्शन करने की अनुमति दी है तो वहीं दूसरी ओर कुछ प्रतिबंधों को लागू किया है. जिसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि महाराष्ट्र और अन्य पड़ोसी राज्य से पहुंचने वाले श्रद्धालु भक्तगण कोटेश्वर मंदिर में दर्शन लाभ नहीं ले पाएंगे.इसके अलावा गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं होगी और ना ही शिवलिंग पर जल अर्पित किया जा सकेगा. एसडीएम परमार ने निर्देश में इस बात को भी जोड़ा की कोरोना कोरोना को देखते हुए मेला नहीं लगाया जाएगा साथ ही मंदिर परिसर में पूजन सामग्री की दुकानें भी नहीं लगेगी, ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन द्वारा प्राप्त नियमों के साथ दर्शन की अनुमति सुकून प्रदान करने वाली है. प्रतिवर्ष जहां महाशिवरात्रि के दौरान 15,000 से अधिक भक्तगण पूजन व दर्शन लाभ लेते थे नियमों तथा प्रतिबंधों के चलते यह आंकड़ा लगभग 7000 रहने की उम्मीद है.
शिव बारात धूमधाम से निकलेगी
बता दें कि प्रतिवर्ष शिव बारात का आयोजन महाशिवरात्रि के अवसर पर किया जाता है और इस परंपरा को बनाए रखने के लिए आयोजकों द्वारा एसडीम रविंद्र परमार से अपील की गई. जिसके बाद लांजी एसडीएम परमार ने उनकी अपील को शर्तों के साथ मंजूरी दे दी हालांकि इस दौरान उनका यह भी कहना रहा कि कोरोना संबंधी सभी नियमों का उन्हें पालन करना होगा. एक और जहां कोटेश्वर मंदिर में दर्शन पर लगा प्रतिबंध हट गया तो वहीं दूसरी ओर शिव बारात निकालने को लेकर चल रहा संशय भी खत्म हो गया. और अब 11 मार्च को काली मंदिर परिसर मंडई टेकरी से शिव बारात निकलेगी जो मुख्य मार्ग से नगर का भ्रमण करते हुए बस स्टैंड और वहां से कोटेश्वर मंदिर लांजी पहुंचकर समाप्त होगी.




