
*65वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर काटी में प.पुज्य डॉ. बाबासाहब आंबेडकर कार्यक्रम स्थल पर नवनिर्मित ध्वज और प्रांगण का उद्घाटन संपन्न*
गोंदिया। विश्वरत्न परम् पूज्य डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ने भगवान बुद्ध के एक कथन का सरल रास्ता बताते हुए कहा था, हम एक दीपक की लौ की तरह है, जिससे हजारों दीपक जलाएं जा सकते है। एक लौ से हजारों दीपक जलने के बाद भी उसकी रोशनी कम नही होती। हमें भी अपना जीवन दीपक की तरह बनाएं रखना चाहिए और सभी को खुशियां बांटते रहना चाहिए। भगवान बुद्ध के जीवन से शिक्षा लेकर और बाबासाहब के मार्ग पर चलकर समाज के प्रत्येक घटक का विकास हो यही जीवन का मूलमंत्र है। उक्ताशय क्षेत्र के विधायक विनोद अग्रवाल ने व्यक्त किये।
विधायक श्री विनोद अग्रवाल ग्राम काटी में महाप्रज्ञा बुद्ध विहार समिती के तत्त्वाधान में आयोजित 65 वे धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर उपस्थित रहकर डॉ. बाबासाहब आंबेडकर कार्यक्रम स्थल के नवनिर्मित ध्वज और प्रांगण का उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कारूणिक तथागत भगवान गौतम बुद्ध व विश्वरत्न, परमपूज्य डा. बाबासाहब आंबेडकर की वंदना कर उपस्थितो को 65 वे धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस की शुभकामनाएं दी।
विधायक अग्रवाल ने कहा, बाबासाहब ने तथागत बुद्ध के आष्टांगिक मार्ग पर चलकर हमें बलवान बनाया, संविधान देकर अधिकार दिए। आज वही स्मरण करने दिन है। आज के ही दिन हमें धम्म धर्म मिला। ये ऐसा धर्म है जो पूरे विश्व में बड़ी संख्या में फैला है। डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ने सभी धर्म के उत्थान के साथ ही वंचित घटक की उन्नति के लिए पूरा जीवन समर्पित किया। संविधान के माध्यम से हक और अधिकार देकर अपना राजा चुनने का अधिकार दिया। बाबासाहब का त्याग हमें याद रखना चाहिए और उनके मार्ग पर चलकर समाज के प्रत्येक घटक तक चलकर उसका मंथन-चिंतन करना चाहिए।
विधायक श्री अग्रवाल ने आगे कहा, बाबासाहब आंबेडकर की वाणी सागर की तरह है। उनके ऊपर विश्व में सबसे अधिक पुस्तकें लिखी गई, गीत लिखे गए और लोग उनपर पर अध्ययन करते है। बाबासाहेब ने सभी को अधिकार दिया, जातिभेद को मिटाने संघर्ष किया। बाबासाहब के विचारों को आत्मसात कर हमें उन लोगों की भी मदद करनी चाहिये जो आज अपने हक अधिकारों से वंचित है। बस इतना कहूंगा,- “बाबासाहब आप चले गए मगर याद सुहानी छोड़ गए। तुम्हारे-हमारे बीच निशानी छोड़ गए। ताउम्र याद रखेगा जमाना आपको, अपने जीवन की अमर कहानी छोड़ गए।
कार्यक्रम में प्रमुखता से छत्रपालजी तुरकर, सुषमाताई उके, सरपंच काटी, अनिल मते, उपसरपंच काटी, धनंजयजी तुरकर, घनश्याम जी पानतावने, ज्ञानचंदजी जमईवार, रजनीताई गौतम, भूषणजी उके, आसिफ शेख, गणेश प्रधान, सनम कोलटकर, डॉ. भास्कर रायकर, राजेश गणवीर, रविकुमार सूर्यवंशी, लक्ष्मीकांत मिश्रा, संतोष चौहान, अजय डोंगरे, नितिन चौहान, कपिल चौहान, सुनील गजभिए, नंदा वाढ़ीवा एव सभी ग्राम पंचायत सदस्य एवं समस्त महिला समिति उपस्थित थे।





