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Saturday, June 6, 2026
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हमारे भीतर छुपी प्रतिभा को पहचानना ही जीवन का मूलमंत्र- अविनाश धर्माधिकारी (Ex.IAS )

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गोंदिया। नमस्ते, एक ऐसा शब्द है जिसमें पूरा ब्रह्मांड समाया हुआ है। ये भीतर से निकली एक चेतना है। ऊर्जा है, जो ईश्वर से प्रार्थना करती है। हमसब के अंदर भी वो ऊर्जा, चेतना है जो हमें कुछ करने के लिए प्रोत्साहित करती है। बस हमें हमारे भीतर के ईश्वर को पहचानना होगा, तभी हम जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकते है। उक्त सम्बोधन देश के प्रख्यात मार्गदर्शक पूर्व आईएएस अधिकारी अविनाश धर्माधिकारी हजारों की संख्या में उपस्थित छात्र छात्राओं व पालकों को सम्बोधित कर व्यक्त रहे थे।
 विशेष है कि क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्यकर्ता 10-12वीं के विद्यार्थीयों को अपने जीवन में आगे बढ़ने, कैरियर बनाने व सफल व्यक्तित्व कैसे निर्माण हो, अपने सपनों को ऊंची उड़ान देकर ख्याति कैसे अर्जित कर पाए इसे गंभीरता से लिये हुए क्षेत्र के विधायक विनोद अग्रवाल शिक्षित युवाओं, युवतियों को रोजगार, उचित मार्गदर्शन हेतु सदैव कटिबद्धता से कार्य करते रहते है।
इसी क्रम में आज 9 जुलाई को विधायक विनोद अग्रवाल ने शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ रहे युवाओं, युवतियों के उचित मार्गदर्शन हेतु पोवार बोर्डिंग के विशाल सभागृह में कैरियर व स्पर्धा परीक्षा मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया था। जिसमें चाणक्य मंडल परिवार व फार्च्यून फाउंडेशन के संयुक्त उपक्रम के तहत देश के प्रख्यात mpsc/upsc मार्गदर्शन एकेडमी के संचालक पूर्व आईएएस अधिकारी अविनाश धर्माधिकारी छात्र छात्राओं व पालकवर्ग को मार्गदर्शन कर संबोधित कर रहे थे।
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अविनाश धर्माधिकारी ने अपने मार्गदर्शन में आगे कहा, सबके भीतर ऊर्जा और चेतना भरी पड़ी है। बस हमें उसे जागृत करने की जरूरत है। ये अलग अलग हो सकती है। कोई साइंस में ध्यान देता है तो कोई क्रीड़ा संस्कृति में। कोई कला में, कोई बायोलॉजी में। किसी को साहित्य, लेखन में रुचि होती है और किसी को लोकसेवा में। हमें अपनी प्रतिभा की पहचान कर उस फील्ड में आगे बढ़ने का कार्य करना चाहिये।
श्री धर्माधिकारी ने कहा, हमें अपने मस्तिष्क को, पेशियों को ठीक रखने का प्रयत्न करना चाहिये। अपने अंदर के ईश्वर को पहचानों, और वो किस रास्ते से प्रकट होता है उसे पहचानो। यही हमारे करियर का, मूलमंत्र है।
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उन्होंने कहा, ऐसी कौनसी बात है जिसमें हम लीन हो जाते है। हमारे अंदर छुपी प्रतिभा के तहत उसका चयन करें। हमें गुणों को जानना होगा। हमें तय करना होगा कि हम किस तरफ करियर बना सकते है। हम जीवन में सफल हो सकते है।
आगे कहा, जो बच्चे स्पर्धा परीक्षाओं में आगे बढ़ना चाहते है उन्हें ये समझना चाहिए कि ये स्पर्धा परीक्षा लोकसेवा है। स्वच्छ देशसेवा के लिए है। अच्छा अधिकारी बनने के लिए, वो स्वच्छ हो, भ्र्ष्ट न हो, जातपात वाला ना हो, कार्यक्षम हो। उसमे कार्यक्षमता होना चाहिये। अनुशासन पर कार्य करता हो। ये भाव हो कि भारत देश का कार्यक्षम कार्यकर्ता अधिकारी हूँ। तभी हम देश की सेवा हेतु कार्य कर सकते है।
इस दौरान उन्होंने गोंदिया के अमित का उल्लेख करते हुए उसे आईएसएस अधिकारी बनें इस हेतु शुभकामनाएं दी और सभी छात्र छात्राओं को ऐसे अमित बनकर देशसेवा में योगदान देने की शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने सम्बोधन में गोंदिया के विधायक विनोद अग्रवाल को एक आदर्श विधायक बताया और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य पर कार्य करने पर उनके हौसलों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर विधायक विनोद अग्रवाल, आशीष वांदिले, एपीएमसी सभापति भाऊराव ऊके, पंस सभापति मुनेश रहांगडाले, कशिश जयस्वाल, छत्रपाल तुरकर, शिवशर्मा, घनश्याम पान्तवने, चेतालीसिंह नागपुरे, विनोद किराड़, जिप सदस्य आनंदा वाढीवा, ममता वाड़वे, दीपा चंद्रीकापुरे, वैशाली पंधरे, धर्मेश अग्रवाल, दीपक बोबडे, नीतू बिरिया, विमलताई मानकर, विवेक मिश्रा, सुषमा मेश्राम, समीर आरेकर, रोहित अग्रवाल, अजित टेंभरे, अभय मानकर, शेखर सहारे, जितेश टेंभरे, आदि सहित बड़ी संख्या में जनता की पार्टी चाबी संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।

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