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Tuesday, June 9, 2026
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की 98वी वर्षगाठ मनायी गयी

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गोंदिया-भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की 98 वी वर्षगाठ के अवसर पर पार्टी की गोंदिया तालुका शाखा द्वारा स्थानीय राजलक्ष्मी चौक पर सर्वप्रथम कॉम्रेड प्रल्हाद उके के हाथो पार्टी का लाल ध्वज फहराया गया. तथा पार्टी स्थापना के बाद अबतक के ज्ञात -अज्ञात शहिद साथीयो को लाल सलामी दि गई. इस अवसर पर पार्टी के जिला सचिव मिलिंद गणवीर ने अपने संबोधन मे कहा की भाकपा की स्थापना 26 दिसंबर 1925 को कानपुर मे हुई इसके पहले से ही देश के कम्युनिस्ट विचार धारा से प्रभावित लोग विभिन्न गुटो मे काम करते हुए राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन मे शामिल होकर देशहित मे भारी कुर्बानीया दी जिसमे 1924 का कानपुर षडयंत्र,1928 का मेरठ षडयंत्र जिसमे कम्युनिस्टो को 10 से 14 साल की जेल यातनाये हुई. लाहोर षडयंत्र मे शहिद भगतसिंग के साथी कॉम्रेड अजय घोष और शिव वर्मा बाद मे पार्टी मे शामिल हुए और अजय घोष तो पार्टी के महासचिव बने,अंदमान मे काला पानी की सजाये भुगतने वालो मे 700 से भी ज्यादा कम्युनिस्ट थे जिन्होने माफी नही मांगी, जिनमे अनेको कार्यकर्ताओ को अंग्रेज सरकार ने फासी दी इसी जेल मे 187 सेनानीयो 36 दिनो भूखहडताल की जिसका नेतृत्व भगतसिंग के साथी शिव वर्मा, जयदेव कपूर, विजयकुमार सिन्हा ने किया यह सभी बाद मे भाकपा मे शामिल हुए.पार्टी ने मजदूरो और किसानों के लिए ऐतिहासिक आंदोलन किये अनेको श्रमकानून बनाने सरकार को बाध्य किया. 1946 मे मुंबई का नौसेना विद्रोह जहाँ 300 से ज्यादा लोग शहीद हुए,1946-47 का बंगाल के भूमिहिनो का तेभागा आंदोलन,1946-51 तक तेलंगना आंध्र, और कर्नाटक मे जमीदारी उन्मूलन के लिए सशस्त्र किसान आंदोलन, 1955-60तक भाषावार प्रांत का संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन प्रमुख हैं सांस्कृतिक क्षेत्र मे भी भारतीय जणनाट्य मंच (इप्टा ), प्रगतीशील लेखक संघ का गठन किया. जो आज भी काम कर रही हैं.महिला अधिकारो के लिए सीपीआई की महिला सांसद गीता मुखर्जी द्वारा सर्वप्रथम महिलाओ को विधायिका मे 33 प्रतिशत आरक्षणका विधेयक पेश किया , बँको का राष्ट्रीयकरन, सिलिंग जमीन का वितरण, सस्ता अनाज,स्वामीनाथन आयोग, सूचना का अधिकार, किसानों की कर्जमाफी, मनरेगा, वनधिकार कानून के तहत जबरान जोतदारो को मालिकांना पट्टा,मजदूरो के काम के 8 घंटे न्यूनतम वेतन कानून,बोनस, प्रसूती सवेतन छुट्टी, आदी श्रम कानून बनाने सरकार को बाध्य किया,केरल की वाम मोर्चा सरकार जिसमे भाकपा प्रमुख घटक दल हैं और यह राज्य मानव सुचकांक मे पहिले क्रमांक पर हैं जहाँ शिक्षा , स्वास्थ्य, मकान,100 प्रतिशत शाक्षरता, संविधान शाक्षरता, आदी के लिए देश मे आदर्श राज्य कहलाता हैं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अपनी स्थापना से आजतक देश मे गैरबराबरी के विरोधमे समता के लिए, दलित आदिवासीयो के जल जंगल जमीन के लिए, जातपात के विरुद्ध संविधान की रक्षा, राष्ट्रीय एकात्मता के लिए सांप्रदायीक्ता के विरोध मे और शोषणमुक्त समाजवादी व्यवस्था के लिए संघर्ष कर रही हैं. मिलिंद गणवीर ने इस अवसर पर जनविरोधी, संविधान विरोधी, जातीयवादी, सांप्रदायिक तत्वो की सरकार को वर्ष 2024 मे सत्ता से बेदखल करने का आव्हान किया. इस कार्यक्रम मे प्रमुखता सेकरुणा गणवीर, शालूताई कुथे, धनराज हरिनखेडे, सुरेश रंगारी, साजिद कुरेशी, क्रांती गणवीर, जसोदा राऊत, आमनांबी शय्यद, निर्मला वैद्य, निर्मला मेश्राम, कोमल शेंद्रे, तथा आयटक के देवेंद्र मेश्राम,जगदीश ठाकरे, मुकेश बिसेन, संजय चचाने, राजेश भोकासे, श्याम कटरे, आनंद बागडे, रामेश्वर उके आदी कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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