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Friday, June 5, 2026
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2 करोड़ रुपये के इनामी 10 सशस्त्र नक्सलियों ने सीएम के सामने डाले हथियार

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गोंदिया/बालाघाट। मध्यप्रदेश राज्य के इतिहास में पहली बार माओवाद को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे मिशन 2026 को लेकर बालाघाट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कान्हा भोरमदेव डिवीजन (केबी) के 10 माओवादियों (6 पुरुष और 4 महिला)ने आज पुलिस लाइन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने माओवादी हथियार डाले।

बालाघाट रेंज के आईजी संजय कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी कान्हा भोरमदेव डिवीजन के हैं। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में तीन राज्यों का मोस्ट वांटेड केबी डिवीजन का लीडर कबीर भी शामिल है।नक्सली कबीर पर है 77 लाख रुपए का इनाम था। इन सभी नक्सलियों पर तीनों ही राज्यों में 2 करोड़ 36 लाख रुपये का इनाम घोषित है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में एमएमसी (मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य) जोन के केबी (कान्हा भोरमदेव) डिवीजन का लीडर और 77 लाख रुपए का इनामी हार्डकोर नक्सली एसजेडसीएम कबीर उर्फ सुरेंदर और उसके 9 साथी शामिल है। इसके अलावा एसजेडसीएम राकेश उर्फ मानसिंह ओडी, कबीर का गार्ड एसीएम लालसू, समर, राकेश का गार्ड नवीन, विक्रम, सलीता, शिल्पा, जरीना और जयशिला शामिल है। नक्सली कबीर और राकेश ने एके-47, लालसू व शिल्पा ने इंसास, सलीता ने एसएलआर और नवीन, जरीना व जयशिला ने सिंगल शॉट शस्त्र के साथ आत्मसमर्पण किया है। जबकि विक्रम व समर ने बगैर हथियार के ही सरेंडर किया।blank

रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शाम करीब 4.30 बजे हेलीकाप्टर से पुलिस लाइन पहुंचे। जहां सभी नक्सलियों ने मुख्यमंत्री के सामने अपने-अपने हथियार डाले। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, डीजीपी कैलाश मकवाना सहित अन्य मौजूद थे। 6 दिसंबर को मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा पर माताघाट-माहुरखोदरा के जंगल में नक्सलियों का सुरक्षा बलों के साथ आमना-सामना हो गया था। इस दौरान एक्सचेंज ऑफ फायर हुआ। नक्सली मौके से अपना सामान और ठिकाना छोडकऱ भागने में सफल हो गए। मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की खोज के लिए सघन सर्च अभियान चलाया गया। वनरक्षक की सहायता से सरेंडर के लिए किया संवाद सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के चलते 6 दिसंबर को नक्सलियों ने सरेंडर करने का निर्णय लिया। नक्सलियों ने मुक्की रेंज के खापा कोर बीट में पदस्थ वनरक्षक गुलाब सिंह उइके से पहले चर्चा कर अपनी योजना बताई। फॉरेस्ट गार्ड ने हॉकफोर्स के खुफिया विभाग में कार्यरत आरक्षक से चर्चा की। हॉकफोर्स आरक्षक ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संवाद किया। वनरक्षक और हॉकफोर्स के आरक्षक ने 6 दिसंबर की रात्रि करीब 11 बजे बालाघाट रेंज के आईजी संजय सिंह के बंगले लेकर आए। जहां सभी नक्सलियों ने मय हथियार के आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद सभी नक्सलियों को रात्रि में ही पुलिस लाइन लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। उल्लेखनीय है कि केबी डिवीजन का लीडर कबीर छत्तीसगढ़ राज्य के सुकमा जिले का निवासी है। कबीर तीन राज्यों का मोस्ट वांटेड नक्सली था।

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