
आईजी का संभाला पदभार, कहा पुलिसिंग दिमाग में नहीं होनी चाहिए
बालाघाट। बुधवार को नवागत आईजी ललित शाक्यवार ने प्रेस प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने नक्सल मुक्त तमगे को कायम रखने, सामुदायिक पुलिसिंग और वर्तमान समय में पुलिस और जनता के बीच समन्वय पर खुलकर अपनी बात रखी। यही नहीं बल्कि उन्होंने मीडियों के सवालों के जवाब देते हुए आश्वस्त किया कि वह हर पल जनता की सेवा में तैनात है।
प्रेस प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए आईजी शाक्यवार ने बताया कि भले ही जोन नक्सली मुक्त हो गया है, लेकिन अब चुनौती ज्यादा है, जोन के मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में फिर से नक्सली ना पनपे, इसके लिए जरूरी है कि बॉर्डर एरिया में सख्त पहरेदारी की जायेगी और सामुदायिक पुलिसिंग को महत्व देकर लोगों के साथ संवाद को कायम किया जायेगा। उन्होंने समर्पित नक्सलियों के सवाल पर कहा कि उन्हें मुख्यधारा में लाने हो संभव हो सकेगा, वह करेंगे।
सवालो के जवाब में उन्होंने बताया कि पुलिसिंग हमारी दिमाग में नहीं होनी चाहिए। पुलिस जनता के बीच में है तो जनता की है, इस भाव से पुलिसकर्मी काम करें तो रिजल्ट भी आता है और जनता के बीच पहुंच बनती है। जिनसे ही हमे, जानकारी भी मिलती हैं। पुलिस समय-समय पर जनता के बीच जाकर चौपाल करें और बातचीत से उनका भरोसा कायम रखे।
उन्होंने बताया कि आज प्रो-ऐक्टिव पुलिसिंग की आवश्यकता है, जनता और पुलिस के बीच दोस्ताना संबंध होना चाहिए, ताकि बिना भय और संकोच के उन्हें लगे कि थाने में उनकी बात सुनी जाएगी। जहां तक हो पुलिसकर्मियों को, जनता के बीच रहकर दोस्ताना व्यवहार कायम करें।आपको बतात चले कि वर्ष 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी ललित शाक्यवार, साल 2011 में बालाघाट में हॉक कमांडर पद पर रह चुके हैं।





