
गोंदिया 18 अप्रेल:-कोरोना वायरस की जांच व इलाज में जुटे डॉक्टरों और स्टाफ के साथ ही अब पुलिस और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए पीपीई किट पहनना अनिवार्य है. पीपीई किट मेडिकल स्टाफ और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने में मदद करता है.लेकीन गोंदिया जिला शासकीय मेडीकल काॅलेज एंव जिला अस्पताल मे कोरोना के साथ साथ आम मरिज की जाँच कर रहे डाॅक्टर्स एंव मेडिकल स्टाॅप को अभी तक पीपीई किट मुहैय्या नही कराने जाने की बात सामने आयी है.जिससे डाॅक्टर्स एंव अन्य स्टाॅप मे डर पैदा हो चुका है,वही जिला शासकीय मेडीकल काॅलेज एंव जिला हॉस्पिटल प्रशासन के मैडिसिन डिपार्टमेंट के HOD प्रशांत पाटील और मैडिकल सुपरिंटेंडंट दिनेश गेडाम को पीपीई किट की मांग करने पर दोनो ने किट देने से मना कर दिया और कहा की आप लोगो को इसकी कोई जरुरत नही.इस संदर्भ मे जिला अस्पताल मे कार्यरत डॉ. राजेन्द्र वैद्य ने जवाब मे कहा की जब तक हमे पॉलिथीन किट नही मिलेगी हम काम नही करेंगे.इस बात पर स्टाफ को सह्योग करने की बजाय कोरोना एपिडेमीक ऐक्ट बताकर HOD और मैडिकल सुपरिंटेंडंट ने सस्पेंड़ करने की तथा वैद्यकीय लायसंस रद्द करने की धमकी देने से हडकंप मच गया है.
विशेष यांनी गोंदिया जिलाधिकारी खुद डाॅक्टर है,वैसेही जिला परिषद के सीईओ एंव उनकी पत्नी भी डाॅक्टर है.इसी अस्पताल मे जि.प.के सीईओ की डाॅ.पत्नी भी कार्यरत है.जिले के वरिष्ठ अधिकारी जो मेडीकल के फिल्ड से है,उन्हे इन सब चिजो का ज्ञान होने के बाद कोरोना पेशंट हो या आम पेशंट अभी की हालात मे अस्पताल मे आये पेशंट को चेक करते वक्त सभी डाॅक्टर्स एंव कर्मचारी को पीपीई किट मुहैय्या कराना अस्पताल प्रशासन की ही नही तो जिला प्रशासन की भी जवाबदेही बनती है.लेकीन जिला प्रशासन के साथ साथ जिला अस्पताल एंव मेडीकल काॅलेज का प्रशासन भी ध्यान इस तरफ क्यु नही दे रहा यह सवाल खडा हो रहा है.
आम मरिज के इलाज मे लगे मैडिकल स्टाफ को भी PPE किट प्रशासन उपलब्ध कराये ऐसी मांग केटीएस हॉस्पिटल के वैद्यकीय चिकित्सक डॉ राजेन्द्र वैद्य ने की है. उन्होने कहा की “हम डॉक्टर्स और स्टाफ जो आईसीयू और आम मरिज को देखते है. इसमे हमे पता नही होता की कोरोना का कोई पेशेंट है या नही इसलीये प्रोटेक्शन के तौर पर हमे PPE किट मिलनी चाहिये.लेकीन PPE किट की कमी होने से कम से कम PPE जैसी पोलीथिन ड्रेस मिलनी चाहिये.” उन्होने इस बात की मांग और शिकायत हॉस्पिटल प्रशासन से करने पर मैडिसिन डिपार्टमेंट के HOD प्रशांत पाटील और मैडिकल सुपरिंटेंडंट दिनेश गेडाम ने दोनो किट देने से मना कर दिया और कहा की आप लोगो को इसकी कोई जरुरत नही. डॉ. राजेन्द्र वैद्य ने जवाब मे कहा की जब तक हमे पॉलिथीन किट नही मिलेगी हम काम नही करेंगे इस बात पर स्टाफ को सह्योग करने की बजाय कोरोना एपिडेमीक का ऐक्ट बताकर HOD और मैडिकल सुपरिंटेंडंट ने सस्पेंड़ करने की तथा वैद्यकीय लायसंस रद्द करने की धमकी दी. पश्चात इस मुद्दे और मांग को लेकर डॉ वैद्य जिलाधिकारी महोदया से मिलने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे.लेकीन जिलाधिकारी महोदय के पी.ए. ने मिलने की अनुमती नही दी.परेशान होकर डॉ.वैद्य ने अपनी मांग को लेकर जिलाधिकारी को एक पत्र लिखा. इस पत्र मे उपरोक्त मांगे और शिकायत डॉक्टर राजेन्द्र वैद्य ने जिलाधिकारी से की है. उन्होने ये भी कहा है की ppe कीट की कमी है इसलीये उसे कोरोना पेशेंट को दिया जाये मगर आम मरिज के इलाज मे लगे स्टाफ को सुरक्षा के लिये कम से कम पॉलिथिन की कीट उपलब्ध कराने की माँग की है,अब सबंधित अधिकारी इस मुद्दे और मांग पर ध्यान देंगे क्या ? यह देखना है.





