
बेरार टाईम्स
बालाघाट,28 अगस्त(बेरार टाईम्स न्युज)- मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले मे पिछले 24 घंटो से तेज बारिश ने कहर मचाया हुवा है.वही जोरदार बारिश के वजह से पहाडसे सटे हुये रस्तो पर भूस्खलन होने से आवागमन बंद हो गया है.बालाघाट से कान्हा केसली की और जानेवाले उकवा-बैहर मार्ग पर बालाघाट से कुछ दुरीपर स्थित गांगुलपारा के पास बड़ा भूस्खलन हो जाने से आधी सड़क गायब हो गयी है.जिला प्रशासन ने इस बात को गंभीरता से लेते हुये गांगुलपारा के पास भूस्खलन हुये जगह की दोनो और पुलीस को तैनात कर आवागमन पर रोख लगा दी है.जिससे बालाघाट -उकवा-बैहर मार्ग का संपर्क तुट गया है.

जिले में 27 अगस्त की रात से हो रही वर्षा के कारण नदी-नालों में बाढ़ आ गई है। अधिक वर्षा के कारण बालाघाट से बैहर मार्ग पर गांगुलपारा जलाशय के पास पहाड़ी धसकने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। बालाघाट से बैहर मार्ग पर अनेक स्थानों पर पेड़ गिरने की भी सूचना मिली है। कलेक्टर दीपक आर्य एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने मौके पर जाकर स्थिति को देखने के बाद जनसुरक्षा की दृष्टि से इस मार्ग को बंद करा दिया है। टेकाड़ी-पिपरटोला से उकवा की ओर एवं उकवा से बालाघाट की ओर आवागमन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बारिश के थमने के बाद सड़क की मरम्मत एवं सुधार कार्य होने के बाद ही इसे आवागमन के लिए खोला जायेगा। इस दौरान एसडीएम के.सी.बोपचे, तहसीलदार रामबाबू देवांगन, सड़क विकास प्राधिकरण के जिला प्रबंधक दीपक आड़े भी मौजूद थे।
भीमगढ़ से छोड़ा गया 17 हजार 500 क्यूसेक पानी
वैनगंगा संभाग के कार्यपालन यंत्री WhatsApp Video 2020-08-28 at 14.43.09प्रदीप गांधी ने बताया कि अधिक वर्षा होने के कारण भीमगढ़ बांध से 28 अगस्त की सुबह 08 बजे 17 हजार 500 क्यूसेक पानी वैनगंगा नदी में छोड़ा गया है। जिसके रात तक बालाघाट जिले में पहुंचने की संभावना है। भीमगढ़ बांध से पानी छोड़े जाने के कारण वैनगंगा नदी का जल स्तर बढ़ने की संभावना है। इसके चलते नदी किनारे के ग्रामों के लोगों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और स्थिति पर नजर रखें।





