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Monday, June 8, 2026
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प्रशासन की उदासीनता से बाॅटनिकल गार्डन बना जंगल

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चिचगड,दि.3 :- सामाजिक वनीकरण विभाग द्वारा लाखों रुपए खर्च कर देवरी के करीब नवाटोला में निर्मित बाॅटनिकल गार्डन विभाग की उदासीनता से और देखभाल के अभाव में जंगल बन गया है।
करीब 5 वर्ष पूर्व वृक्ष संवर्धन और जैव विविधता को संरक्षित करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार और सामाजिक वनीकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान से लाखों रुपए खर्च कर नवाटोblankला में स्व.उत्तमराव पाटिल जैव विविधता वन उद्यान बनाया गया।

अनेक प्रकार के औषधीय गुण वाले पौधों के अलावा , जैवविविधता वाले अनेक दुर्लभ फल फूल वाले पेड़ों के अलावा रंग-बिरंगे फूलों को यहां लगाया गया था जिसके चलते वनस्पति विज्ञान के विधार्थियों तथा नागरिकों के बीच ये उद्यान तेजी से लोकप्रिय हो गया।
शुरुआत में तो सबकुछ ठीक रहा लेकिन इस उद्यान की बदकिस्मती कोरोना के पहले लहर के बाद लगें लाॅकडाऊन याने 2020 के मार्च से शुरू हुई।
उद्यान बंद होने के साथ ही यहां देखभाल करने वाले कर्मचारियों को वेतन मिलना बंद हो गया जिससे उद्यान का रखरखाव बंद हो गया और बेशकीमती पेड़ पौधे मरने लगे। बाद में विभाग की ओर से निधि बंद होने के बाद से हालात बिगड़ते चले गए और आज़ उद्यान के नाम पर सिर्फ जंगली घास फूंस और कचरा बच गया ‌‌।
उद्यान के कर्मचारियों और शहर के प्रबुद्ध नागरिक द्वारा उद्यान को बचाने के उद्देश्य से वर्तमान विधायक सह‌सराम कोरोटे से भी मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में हस्तक्षेप करने की मांग कि गई है लेकिन सिवाय आश्वासन से अभी तक कोई ठोस कदम उठाए जाने की कोई खबर नहीं है।
स्व.उत्तमराव पाटिल जैव विविधता वन उद्यान की कि किस्मत कब पलटेगी इसपर क्षेत्र के नागरिकों कि नज़र टिकीं हूई है ‌।

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