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Tuesday, July 28, 2026
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डॉ. तूफान सिंह पारधी को मिली डॉक्टर ऑफ फिलासफी की उपाधि

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वर्धा,दि.१६- महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र) के छठवें दीक्षांत समारोह में डॉ. तूफान सिंह पारधी को विद्या-वाचस्पति (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई। यह गरिमामयी समारोह 16 अप्रैल 2026 को भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
डॉ. पारधी को यह उपाधि भाषा प्रौद्योगिकी एवं भाषा अभियांत्रिकी विषय में उनके शोध कार्य “पवारी हेतु व्युत्पादक रूपीमिक विश्लेषक निर्माण” के लिए प्रदान की गई। वे विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र रहे हैं तथा वर्तमान में इसी संस्थान में अतिथि विद्वान के रूप में अध्यापन कार्य कर रहे हैं।
मूलतः मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले की कटंगी तहसील के ग्राम आगरवाड़ा निवासी डॉ. तूफान सिंह पारधी, श्री उरकुड़ जी पारधी के सुपुत्र हैं। वर्ष 2014 से वे पवारी/पोवारी भाषा के संरक्षण, अध्ययन और अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्ष 2016 में उन्होंने विद्या-वाचस्पति के लिए पंजीकरण कराया और वर्ष 2022 में अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया।शोध कार्य के दौरान क्षेत्रीय भाषाओं से संबंधित पर्याप्त आँकड़े और सामग्री उपलब्ध न होने के कारण उन्होंने स्वयं पवारी भाषा से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण आँकड़ों का संग्रह किया तथा इस भाषा के संरक्षण और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
डॉ. पारधी ने केवल शोध तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज को भी जागरूक करने का सतत प्रयास किया। उनके प्रयासों से पवारी भाषा और बोली के क्षेत्र में संगठित रूप से कार्य प्रारंभ हुआ तथा अनेक लोग इस दिशा में सक्रिय हुए। वे पवारी साहित्य कला संस्कृति मंडल के कोर समिति सदस्य भी हैं। उनके संयोजन में कटंगी नगर में पवारी साहित्य सम्मेलन का सफल आयोजन भी संपन्न हो चुका है।विद्या-वाचस्पति के अध्ययन काल में डॉ. पारधी को अनेक संघर्षों का सामना करना पड़ा, किंतु उन्होंने धैर्य और दृढ़ता के साथ सभी कठिनाइयों को पार किया। आज उनके प्रयासों का परिणाम यह है कि पवारी भाषा और संस्कृति के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कार्य दिखाई दे रहा है।
डॉ. पारधी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी मेहनत, परिवार, अपने प्रथम शोध निर्देशक स्वर्गीय जगदीश कुमार दांगी तथा शोध निर्देशक डॉ. हर्षलता पेटकर सहित अपने सभी मित्रों और सहयोगियों को दिया है।डॉ. तूफान सिंह पारधी की इस उपलब्धि पर परिवारजनों, शिक्षकगणों, समाज के वरिष्ठ नागरिकों तथा शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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