वारासिवनी के आदित्य पटले और बालाघाट के राहुल देशमुख ने UPSC में प्राप्त की सफलता

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बालाघाट,01 जुनः– कहते हैं अगर मन में कुछ हासिल करने का जज्बा हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। इस वाक्य को सच कर दिखाया है जिले के दो होनहार राहुल देशमुख और आदित्य पटले ने। उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाली यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की है। दोनों परिवारों में जश्न जैसा माहौल है।

बालाघाट के गायखुरी में रहने वाले राहुल देशमुख ने 349वीं रैंक हासिल की है। राहुल पांच साल से इस परीक्षा की तैयारी में पूरी मेहनत और शिद्दत के साथ जुटे थे। राहुल ने बताया कि उन्होंने पांचवें अटैम्प्ट में ये सफलता हासिल की है। वे तीन बार इंटरव्यू राउंड तक पहुंच चुके थे।

आईआईटी धनबाद से बीटेक किया, सेल्फ स्टडी ने दिलाया मुकाम

राहुल देशमुख ने बताया कि इस सफलता के पीछे मेरी मेहनत के अलावा फैमिली के हर मेंबर का हर मोड़ पर सपोर्ट और मोटिवेशन भी है। राहुल ने बताया कि 2015 में आईआईटी धनबाद से बीटेक किया। दिल्ली में इंडियन ऑइल कॉर्पोशन में बतौर मार्केटिंग ऑफिसर की जॉब की। अच्छा पैकेज, बेहतर फेसिलिटी के बीच दो साल कंपनी में जॉब की। दो साल जॉब करने के बाद 2017 में रिजाइन देकर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। दो साल दिल्ली में भी रहा, लेकिन फुल फ्लैश कोचिंग कहीं नहीं की। सेल्फ स्टडी पर भरोसा रखा और रोज 10 से 12 घंटे रेगुलर स्टडी जारी रखी।

पुणे की जॉब छोड़कर तैयारी की, मिली 375वीं रैंक

यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर कीर्तिमान रचने वाले जिले के आदित्य पटले की सफलता की राह राहुल देशमुख से मिलती-जुलती है। आदित्य पटले के पिता ज्ञानीराम पटले वर्ष 2018 में मंडला से जॉइंट कलेक्टर के पद से रिटायर हुए थे। वर्तमान में पटले परिवार वारासिवनी के गंगोत्री कॉलोनी में निवासरत है। आदित्य के पिता ज्ञानीराम पटले ने बताया कि बेटा शुरू से यूपीएससी क्लीयर करना चाहता था। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद वह पुणे में बजाज कंपनी में जॉब कर रहा था, लेकिन अचानक उसने वर्ष 2018 में नौकरी छोड़ दी और घर आ गया। मैंने उसके फैसला का सम्मान किया और यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित किया। अपने तीसरे प्रयास में बेटे की सफलता रंग लाई।

सफलता के बाद परिवार के साथ राहुल देशमुख।