
महाशिवरात्रि पर प्रतिवर्ष लगता है भक्तों का मेला
लक्ष्मीनारायण दुबे
गोंदिया से तिरोडा सड़क मार्ग पर गंगाझरी से केवल 5 किमी की दूरी पर पहाड़ पर बसे केरझिरा देवस्थान मे प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर मेला लगता है। यहां प्रतिवर्ष भगवान शिव के दर्शनों के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता था किंतु कोविड की बंदिशों के चलते मेले के आयोजन पर रोक लगी है। बावजूद इसके 1 मार्च को महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में शिवभक्त दर्शन हेतु यहाँ पहुचेंगे ये अनुमान है।
विपुल नैसर्गिक संपदा और सुंदरता के बीच ऊंची पहाड़ी पर स्थित भगवान शिव के मंदिर में स्थापित भगवान शिव की मूर्ति तथा शिवलिंग को 300 से 400 वर्ष पुरातन होने की बात स्थानीय निवासियों द्वारा कही जाती है। इस स्थान पर एक प्राकृतिक जल कुंड है। जहां से प्राकृतिक रूप से वर्षभर पानी बहता रहता है। जल कुंड के पास अनेक वर्षों से केले के पेड़ अस्तित्व में है। जिसके कारण इस पवित्र स्थान का नाम ‘केरझिरा’ होने की बात कही जाती है। यह झरना ऊंची चट्टानों तथा अनेक वन औषधीय पेड़ो के बीच से होकर इस जल कुंड में आनेसे इस कुंड के पानी में औषधि गुण होकर अनेक जटिल बीमारियों के लिए इस कुंड का पानी उपयोगी होने की बात भी क्षेत्र के बुजुर्गों द्वारा बताई जाती है। परिसर में बड़े पैमाने पर बेल के पेड़ भी पाए जाते हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस स्थान पर अत्यंत दुर्लभ माने जाने वाले पदम जाति का पेड़ भी है। अन्य कहीं भी संपूर्ण वनक्षेत्र में यह पेड़ नहीं पाया जाता । प्राचीन ग्रंथों के अनुसार ऋषिमुनि पदम पेड़ के सानिध्य में ही तपस्या करते थे। जिसके कारण केरझिरा क्षेत्र का पौराणिक एवं धार्मिक महत्व अधिक माना जारहा है। घने पेड़ों से घिरे इस क्षेत्र में वन्य प्राणियों का वर्षभर मुक्त संचार रहता है । इस वन क्षेत्र में शतावरी, मुसली, अड्डुलसा, जंगली तुलसी, बहावा, गरुड़फल्ली, आंवला, बेहड़ा , हिरड़ा, साजा, बीजा एवं अन्य बहुमूल्य वन संपदा पाई जाती है।

पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस देवस्थान के विकास के लिए तिरोड़ा क्षेत्र के विधायक विजय रहांगडाले ने काफी प्रयास किये एवं तीर्थक्षेत्र विकास निधि के माध्यम से इस परिसर में भक्तों के लिए भक्त निवास एवं परिसर में श्री गणेश, दुर्गा, विट्ठल रुख्मिनी, महासरस्वती एवं राधाकृष्ण तथा साईबाबा के छोटे-छोटे किंतु सुंदर मंदिरों का निर्माण किया गया है।
इस वर्ष महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर 1 मार्च को सुबह 9 बजे शिव मंदिर में शिव अभिषेक एवं हवन का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कोविड नियमो के तहत सरकारी निर्देशो के अनुसार इस वर्ष केरझिरा में मेले का आयोजन नही किया गया है। फिरभी शिवभक्तों एवं प्रकृति प्रेमियों को उपस्थित रहने का आह्वान केरझिरा देवस्थान कमेटी द्वारा किया गया है ।





