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Wednesday, August 26, 2026
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स्व. रमन कुमार मेठी को शहर के पत्रकारों ने दी श्रध्दाजंली..

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हर किसी ने किया उनकी शख्सियत का बखान..
गोंदिया।गोंदिया जिले में छह दशक से अधिक समय पत्रकारिता के देकर क्षेत्र और जन जन का कल्याण करने वाले वरिष्ठ पत्रकार रमन कुमार मेठी का दिनांक ८ जनवरी को दोपहर २.५० बजे आकस्मिक दुखद निधन हो गया, जिसमें बाद समूचा शहर व जिला स्तब्ध रह गया। स्व. रमनकुमार मेठी के निधन के उपरांत जहां उनकी अंतिम यात्रा में बड़ा हुजुम उन्हें श्रध्दाजंली देने के लिये उमड़ पड़ा, वहीं स्व. रमनकुमार मेठी के निधन उपरांत शहर के सभी संगठनों के पत्रकारों ने एक जुट होकर राईस मिलर्स एसोसिएशन के सभागृह में उन्हें श्रध्दाजंली देने सभा का आयोजन किया। श्रध्दाजंली सभा में मंच पर वरिष्ठ पत्रकार चंद्रकांत खंडेलवाल, जिला माहिती अधिकारी रवि गीते, रवि आर्य, गोपाल अग्रवाल, अल्ताफ शेख उपस्थित रहे, तो वहीं कार्यक्रम का संचालन जयंत शुक्ला ने किया। श्रध्दाजंली सभा का शुभारंभ सर्वप्रथम स्व. रमन कुमार मेठी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत सभी ने बारी बार से स्व. रमन कुमार जी मेठी को अपने विचारों और उनके साथ संस्मरणों व स्मरणों का उल्लेख कर श्रध्दाजंली दी।blank

श्रध्दाजंली सभा में वरिष्ठ पत्रकार अशोक सहारे ने कहा कि स्व. रमन भैया आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन हमारे जीवन में वे हमारी यादों में बने रहेंगे। श्री सहारे ने आगे कहा कि मैं रमन भैया के साथ पार्षद और सभापति रहा, मैंने उनके और प्रफुल भाई के मार्गदर्शन में काम किया, और बहुत कुछ हमें उनसे सीखने मिला। रमन भैया एक जिंदादिल इंसान थे, उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाभावना से कड़ी मेहनत की, और पत्रकारिता की मिसाल कायम की, उनका जीवन उनके दुनिया से विदा लेने के बाद भी हमेशा यूवा पत्रकारों के लिये उल्लेखित और मिसाल होगा।

वरिष्ठ विदर्भवादी नेता छैलबिहारी अग्रवाल ने कहा कि मेरा रमन कुमार जी मेठी से बहुत स्नेह था, और पत्रकारिता के क्षेत्र के वो पत्रकार शिरोमणी थे। उनका व्यक्तित्व एैसा था कि यदि वो किसी से कुछ कहते थे तो कोई उनकी बात अनसुनी नहीं करता था, लेकिन तब भी वो छोटे बड़े सबका जिस तरह से आदर करते थे, एैसा लगता था मानो आसमान सर झुकाए बैठा है।

वरिष्ठ पत्रकार सुब्रत पाल ने स्व. रमन कुमार जी मेठी को श्रध्दाजंली अर्पित करते हुए उनके साथ स्मरणों को याद करते हुए उनका वृतांत बताया, तो वहीं यह कहा कि एैसे अनेक बार मुझे यह देखने में आया कि रमन भैया ने कभी जीवन में सिद्घांतों से समझौता नहीं किया। जिले में आने वाले हर बड़े अधिकारी भी गोंदिया में ज्वाईनिंग के बाद रमन भैया से मिलने के लिये आते थे, और मिलकर प्रसन्नता जाहिर करते थे। संसार का नियम है जो आया है उसे जाना है, लेकिन जो कमाकर रमन भैया गए, वो उनके जाने के बाद भी हमेशा उल्लेखित होता रहेगा।

वरिष्ठ पत्रकार गोपाल अग्रवाल ने कहा कि रमन कुमार जी मेठी ठीक उस तरह थे जैसा व्यक्तित्व अमिताभ बच्चन का था। रमन भैया पत्रकारों के अमिताभ बच्चन थे, जिनके जैसा ना कोई हुआ है और ना कोई हो सकता है। श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि रमन भैया का व्यवहार, उनकी सोच, उनकी उदारता, हर बात में वो एैसे थे जिसके कारण जब कोई उनसे मिलता था वो उनका होकर रह जाता था। रमन कुमार जी मेठी ने एक ही अखबार से जुड़कर जितने वर्ष दिये, वह भी हम सबके लिये एक मिसाल है। उनकी यह भी बड़ी खूबी थी कि उन्होंने कभी जीवन में अपेक्षाएं नहीं पाली। बस अपना कार्य बहुत अच्छे से करना यही उनका परम धर्म रहा। उनके जाने के बाद भी उनके पदचिन्हों पर चलकर एक समाज पर समर्पित पत्रकारिता हम करें तो यही उन्हें सच्ची श्रध्दाजंली होगी।
यह रहे प्रमुख रुप से उपस्थित..
स्व. रमन कुमार मेठी को श्रध्दाजंली देने के लिये प्रमुख रुप से वरिष्ठ पत्रकार अशोक सहारे, इन्द्रकुमार राही, छैलबिहारी अग्रवाल, सुब्रत पाल, संतोष शर्मा, आशीष वर्मा, संजय राऊत, अतुल दुबे, खेमेन्द्र कटरे, नवीन अग्रवाल, मोहन पवार, भगत ठकरानी, शंभु ठाकुर, संतोष शर्मा, हिदायत शेख, संजीव बापट, प्रमोद नागनाथे, रवि सपाटे, महेन्द्र लिल्हारे, जावेद खान, दिव्या भगत पारधी,सविता बेदरकर, सतीश पारधी, हरीश मोटघरे, रमेश शर्मा, प्रशांत मिश्रा, राजु डहाट, आनंद मेश्राम, कपिल केकत, अंकुश गुंडावार, आकाश वाल्दे, योगेश राऊत, प्रकाश तिड़के, जसपाल चावला, मुकेश शर्मा, सुब्रत पाल, सावन डोये, विजय लाटा, मुकेश मिश्रा, विष्ण शर्मा संहित अनेक पत्रकार मौजूद थे। सभी पत्रकारों ने बार बारी से अपने विचारों से स्व. रमन कुमार जी मेठी को श्रध्दाजंली अर्पित कर परम पिता परमेश्वर से उनके परिवार को यह दुख सहन करने की प्रार्थना करते हुए उन्हें ईश्वर से अपने चरणों में स्थान देने की प्रार्थना की।