भारत की सभ्यता को बचाये रखने सम्राट राजाभोज का बड़ा योगदान: जितेंद्र कटरे

0
7

गोरेगांव:– सम्राट पवार राजभोज का शासन 1010 से लेकर 1060 तक तत्कालीन मालवा प्रदेश मध्य भारत में रहा । राजभोज शस्त्र से लेकर शास्त्र तक निपुण थे उनके द्वारा अनेक ग्रंथ लिखे गए। उस समय मालवा की राजधानी धार हुआ करती थी । राजा भोज ने पवार परमारो की संस्कृति तथा सभ्यता को बचाए रखने के लिए अनेको जंग लढ़के अनेक राजाओंको परास्त किया था। ऐसा प्रतिपादन अध्यक्षीय स्थान से बोलते हुए जिला परिषद सदस्य जितेन्द्र कटरे ने ग्राम शहारवाणी में आज दिनांक 4 फरवरी 2024 को छत्रिय राजाभोज पवार समाज संगठन शहारवानी के तत्वाधान में अयोजित सम्राट राजाभोज के जयंती कार्यक्रम के अवसर पर किया ।
इस अवसर पर पंचायत समिति उपसभापती राजकुमार यादव,सेवानीवृत शिक्षक एच .पी . पटले, ग्राम पंचायत सरपंच सचिन मेश्राम, उपसरपंच गेंदाल गौतम, पुलिस पाटिल तेजलाल पटले , तंटामुक्त समिति अध्यक्ष सुरेशकुमार नेवारे ,मुख्याध्यापक आई .जी. कटरे , झनकलाल गौतम, सेवानिवृत शिक्षक एन . के. शेंडे ,देवराम कटरे ,रविकिरण पटले,सोमचंद पटले ,ग्राम पंचायत सदस्य अंजनाबाई पटले, मुनेश्वराबाई बिसेन ,कविताबाई कटरे, सुनीताबाई शेंडे, अनीताबाई उके , डीलेश्वर पारधी,विनोद गौतम, विनोद पटले ,दिलीप पटले, कविताबाई गौतम, ठाणेस्वरीबाई गौतम,राजेश्वरी बाई पारधी आदि उपस्थित थे। उद्घाटन समारोह में संचालन मदन पटले , प्रस्तावक तेजलल पटले,आभार प्रदर्शन विनोद पटले ने किया । जयंती समारोह कार्यक्रम मे ग्राम की महिलाओं ने पोवरी नृत्य करके अतिथियों का स्वागत किया ।उसके पश्चात जितेंद्र कटरे ने रैली को झंडी दिखाकर रैली का प्रस्थान ग्राम में किया गया ।