10 दिनों में ढाई हजार से अधिक निर्भय बेटियों को मिला आत्म सुरक्षा का प्रशिक्षण

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गोंदिया। आत्म सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण घटक जागरूकता होता है जागरूकता अपने आप की अपने परिवेश की और संभावित हमलावरों के रणनीतियों की, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना आज बेहद जरूरी है। सड़कों पर ऐसी बहुत सी जगह है जहां महिलाओं को बेहद असुरक्षित लगता है। रात के वक्त चलने या यात्रा करते वक्त घबराहट की भावना कष्टदायक होती है। लिहाजा सेल्फ डिफेंस तकनीक की जानकारी हर महिला को बहुत जरूरी है। मार्शल आर्ट जूडो कराटे ताइक्वांडो कुंगफू जैसी कलाओं का उपयोग मुश्किल समय में करके आत्मरक्षा की जा सकती है। खासकर उस वक्त स्थिति में जब आप बिल्कुल निहत्ते हो, निर्भय बेटी सुरक्षा अभियान के तहत गेम्स स्पोर्ट्स एंड करियर डेवलपमेंट फाउंडेशन ने जिला क्रीडा अधिकारी कार्यालय, शारीरिक शिक्षण शिक्षक महासंघ, कराटे एसोसिएशन गोंदिया, मानवाधिकार संघटना व करियर जोन अकादमी के साथ मिलकर यह बीड़ा उठाया।

फाउंडेशन की ओर से शहर के 20 स्कूलों में 2500 बेटियों को 23 जनवरी से 2 फरवरी तक 20 ट्रेनरों ने स्कूल में जाकर उन्हें आत्म सुरक्षा के गुण सिखाए। उत्साह पूर्ण ट्रेनिंग का लाभ निर्भय बेटियों ने उठाया।इस प्रशिक्षण महाशिविर का समापन 3 फरवरी को इंदिरा गांधी स्टेडियम में समापन समारोह संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पुलिस अधीक्षक निखिल पिंगळे ने की। उद्घाटक के रूप में जिला परिषद अध्यक्ष पंकज रहांगडाले,सभापति पूजा अखिलेश सेठ, महाकाल सेवा समिति महिला अध्यक्ष स्वाति लोकेश यादव, अ.भा. मानवाधिकार संघटना महा. प्रदेश सचिव धर्मिष्ठा सेंगर, समाजसेवी राजू कुलकर्णी एवं करियर जोन के डायरेक्टर रंजित झा, अ.भा.मा. संघटना गोंदिया जिला सचिव आदेश शर्मा उपस्थित थे।
उपस्थित मंचासीन अतिथियों ने मार्शल आर्ट प्रशिक्षण प्राप्त छात्राओं का मार्गदर्शन किया। फाउंडेशन की ओर से उपस्थित अतिथियों का स्वागत कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए गए तथा सभी स्कूल के प्रिंसिपल व कीडा शिक्षक और छात्राओं का स्वागत पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह से किया गया।कार्यकम को सफल बनाने में निलेश फुलबांधे, निखील बरबटे, बरकत बेग, दिनेश बंसोडे, गणेशवर चौधरी, नितेश कुरसुंगे, मयुर बघेले, रितुराज यादव, जावेश शेख, पायल गजभिये, मनीष सहारे, नुपुर सिक्का ने भरपूर प्रयास किया ।