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Sunday, June 21, 2026
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संघर्ष के बाद संजय नगर (गोविंदपुर) क्षेत्र के ४६८ अतिक्रमण धारकों को जमीन के स्थायी पट्टा के मिले आदेश

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पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल के प्रयास..

गोंदिया,8 फरवरी। शहर केे (गोविंदपुर) क्षेत्र की ६.५३ हेक्टर (करीब २० एकड़) भूमी पर बसे हुए ४६८ अतिक्रमण धारकों को स्थायी पट्टे देने के निर्देश राज्य सरकार के महसुल व वनविभाग ने विभागीय आयुक्त नागपुर एवम् जिलाधिकारी गोंदिया को दे दिए है।
राज्य सरकार के कक्ष अधिकारी श्री सुनिल सामंत ने इस आशय का आदेश पत्र क्रं. जमीन-२०१९/प्र.क्रं. ९२/ज-८ अंतर्गत दि. १२/१२/२०१९ को जारी कर दिए है, जिससे संजयनगर गोंविदपुर के सभी ४०० अतिक्रमण धारक अब जमीन के स्थायी मालक बन चुके है, वहीं पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल द्वारा स्थानीय नागरीकों से उन्हें स्थायी पट्टे दिलाने का वादा भी आज पुरा हो गया, यह विशेष उल्लेखनीय है।
     गौर हो की विगत ८-१० वर्षों से तत्कालीन विधायक गोपालदास अग्रवाल गोंदिया शहर के संजयनगर के निवासियों को जमीन का स्थायी पट्टा दिए जाने हेतु प्रयासरत थे, लेकिन उक्त भुमि नगर परिषद द्वारा खेल मैदान एवम् बगीचे के लिए आरक्षीत थी वहीं राजस्व विभाग के रिकॉर्ड पर झुडपी जंगल क्षेत्र में आती थी, जिसके कारण तत्कालीन
विधायक गोपालदास अग्रवाल के प्रयत्नों के बावजुद संजयनगर वासियों को स्थायी पट्टे नहीं मिल पा रहे थे। अंतः तत्कालीन विधायक गोपालदास अग्रवाल के प्रयत्नों से गोंदिया शहर के संजयनगर ( गोविंदपुर ) क्षेत्र की।६.५३ हेक्टर (करीब २० एकड़) भूमी को गत मार्च २०९९ में भारत सरकार के पर्यावरण वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने अपने आदेश क्रं. १४-८-२०१९-ROHQ दि.५/३/२०१९ अंतर्गत झूड़पी जंगल कायदे से मुक्त करने का आदेश जारी करा कर 468 से अधिक रहवासी परिवार जो अब तक अतिक्रमणकारी माने जाते थे उन्हें जमीन का स्थायी मालकाना पट्टा दिए जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ था।
    गौरतलब है की तत्कालीन विधायक गोपालदास अग्रवाल ने २०१३ में गोंदिया जिला प्रशासन से उक्त
भुमि पर नगर परिषद के बगीचे एवम् खेल मैदान के आरक्षण को हटाए जाने हेतु विस्तृत प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रेषित कराया तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को अनुरोध कर संजयनगर क्षेत्र में नगर परिषद के आरक्षण को मुक्त कराया। लेकिन अब भी उक्त भुमी झुडपी जंगल कायदे के अंतर्गत अटकी हुई थी। तत्कालीन विधायक गोपालदास अग्रवाल के प्रयत्नों से राज्य शासन ने उक्त भुमी को झुडपी
जंगल कायदे से मुक्त करने हेतु क्षेत्र के नागरीकों को रायसुमारी हेतु तत्कालीन विधायक गोपालदास अग्रवाल की प्रमुख उपस्थिती में गत १ अप्रैल २०१८ को गोंदिया के संजयनगर में, गोंदिया शहर के इतिहास में पहली बार आम नागरीकों की आमसभा का आयोजन कर संजयनगर की भूमी को झूड़पी जंगल कायदे से मुक्त कर संजयनगर के लगभग ६०० मकान धारकों को उनके मकान के स्थायी पट्टे दिए जाने का ठराव एक मत से लिया, यह विशेष उल्लेखनीय है।
जिसके उपरांत जिला प्रशासन द्वारा राज्य सरकार के राजस्व विभाग के मार्फत प्रस्ताव तैयार कर सिफारिश
सह केन्द्र सरकार के बन एवम् पर्यावरण मंत्रालय से अंतिम मंजुरी हेतु प्रेषित किया गया। तत्कालीन विधायक गोपालदास अग्रवाल के लंबे राजनैतिक अनुभव एवम् राज्य तथा केन्द्र सरकार से करीबी संबंधों के कारण गोपालदास अग्रवाल के प्रयत्नों से गोंदिया शहर के संजयनगर क्षेत्र को केंद्र सरकार ने झुंडंपी जंगल कायदे से मुक्त करने हेतु अंतिम मंजुरी दी थी, जिसके बाद अब राज्य सरकार ने सभी ४६८ अतिक्रमण धारकों को स्थायी पट्टे दिए जाने के आदेश दे दिए है, यह विशेष उल्लेखनीय है।
      इस अवसर पर तत्कालीन विधायक गोपालदास अग्रवाल ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि संजयनगर के रहवासी अतिक्रमणकारी न कहलाएं, वे भी सम्मान से जी सके, इसके लिए संजयनगर के सभी निवासियों का उनके प्लॉट का स्थायी पट्टा देना मेरा लक्ष्य और चुनावी वादा था, भले ही चुनाव में मुझे अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन इस बात की संतुष्टी है की संजयनगर के भाईयों से किया गया वादा मैं पूर्ण कर सका।
     इस अवसर पर सफल प्रयत्नों के लिए अशोक चौधरी, संजयनगर के स्थानीय पार्षद देवा रुसे, भागवतभाऊ मेश्राम, शकील मन्सुरी, पूर्व न.प.उपाध्यक्ष राकेश ठाकुर, स्वेता महेन्द्र पुरोहित, सुनिल तिवारी, सुनिल भालेराव, निर्मला मिश्रा, शिलु राकेश चौहान, क्रांतीकुमार जायस्वाल, दिपीका देवा रुसे, पराग अग्रवाल, पूर्व पार्षद व्यकंट पाथरु, पूर्व पार्षद पृथ्वीपालसिंग गुलाटी आदि ने पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल का आभार व्यक्त कर अभिनंदन किया है