30.9 C
Gondiā
Monday, August 3, 2026
Home हिंदी खबरे विजयादशमी के शुभ अवसर पर विमोचित हुआ गोवर्धन बिसेन का शोध प्रबंध

विजयादशमी के शुभ अवसर पर विमोचित हुआ गोवर्धन बिसेन का शोध प्रबंध

0
97

“पं. श्रीराम शर्मा आचार्य : उनका व्यक्तित्व एवं कार्य और मानवता”

गोंदिया, 2 अक्टूबर। विजयादशमी के पावन अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ, गोंदिया में साहित्यकार गोवर्धन बिसेन के शोध प्रबंध “पं. श्रीराम शर्मा आचार्य : उनका व्यक्तित्व एवं कार्य और मानवता” का विमोचन संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. विपिन बैस (मुख्य प्रबंधक न्यासी) ने की। गोविंद येड़े (जिला समन्वयक) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अन्य अतिथियों में इंजी. देबीलाल पटले (जिला संयोजक – भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा), पंकज परमार (वरिष्ठ कार्यकर्ता), तारेंद्र बिसेन (शहर समन्वयक), सुरेश चव्हान (गायत्री परिव्राजक), छत्रपाल पटले (गायत्री परिव्राजक), रविंद्र हत्तीमारे, तेजेश्वरी बिसेन, लता तुरकर सहित अनेक गायत्री परिवार के साधक एवं सदस्य उपस्थित रहे।
अपने मनोगत विचार व्यक्त करते हुए शोधार्थी गोवर्धन बिसेन ने कहा –
“गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के विशाल व्यक्तित्व और वृहद् कार्य को यदि किसी उपमा में समेटा जा सकता है, तो वह है – ‘गागर में सागर’। इस असीम सागर में डुबकी लगाकर मैंने केवल कुछ रत्नों को खोजने का प्रयास किया है। गुरुदेव के जिन ग्रंथों और विचारों तक मेरी पहुँच हुई, उनके अध्ययन-मनन के आधार पर यह शोध प्रबंध प्रस्तुत किया गया है।”
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. विपिन बैस ने कहा –
“परमपूज्य गुरुदेव के व्यक्तित्व, कार्य और मानवता पर गोवर्धन बिसेन द्वारा प्रस्तुत यह शोध प्रबंध देखकर प्रसन्नता हुई। इसमें गुरुदेव की मानवता के प्रति बहुआयामी दृष्टि को समाहित करने का सराहनीय प्रयास किया गया है। निस्संदेह यह शोध प्रबंध समाज के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।”
इससे पूर्व गोवर्धन बिसेन के ‘मयरी’ (पोवारी काव्य संग्रह), ‘पुरखाइनको गौरवशाली इतिहास’ (लेख संग्रह) तथा ‘मृदगंध’ (मराठी काव्य संग्रह) प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त उनकी पोवारी, मराठी एवं हिंदी की अनेक कविताएँ, कहानियाँ और लेख स्टोरीमिरर, अमर उजाला, शाॅपीजन, प्रतिलिपि जैसे बहुभाषी साहित्य मंचों पर उपलब्ध हैं। उनकी कविताएँ दर्जनों साझा काव्य संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं तथा अनेक सामाजिक पत्रिकाओं और समाचार पत्रों में भी नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती हैं।
उत्कृष्ट साहित्य सृजन हेतु उन्हें “पोवारी साहित्य रत्न”, “साहित्य कला कुमुदिनी रत्न”, “राष्ट्रीय साहित्यकार”, “राष्ट्रीय प्रतिभा”, “लिटररी ब्रिगेडियर” जैसे सम्मानों से विभूषित किया गया है। साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें “अंतर्राष्ट्रीय मगध गौरव सम्मान” भी प्राप्त हुआ। वर्ष 2024 में उनके ‘मयरी’ पोवारी काव्य संग्रह को “सर्वोत्कृष्ट पोवारी साहित्य” पुरस्कार तथा ‘मृदगंध’ मराठी काव्य संग्रह को “राज्य स्तरीय विं. दा. करंदीकर पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।
“पं. श्रीराम शर्मा आचार्य : उनका व्यक्तित्व एवं कार्य और मानवता” शोध प्रबंध के विमोचन पर डॉ. चिन्मय पंड्या (प्रति-कुलपति, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय), अखिल विश्व गायत्री परिवार, अखिल भारतीय क्षत्रिय पोवार महासंघ, तथा देशभर के विभिन्न साहित्य मंचों के साहित्यकारों के साथ-साथ आत्मीय जनों और मित्रों ने हार्दिक बधाइयाँ प्रेषित कीं।