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Tuesday, June 9, 2026
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गोंदिया में नवीन आयकर अधिनियम, २०२५ पर वृहद जागरूकता संगोष्ठी संपन्न

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गोंदिया : भारत सरकार द्वारा वित्तीय सुदृढ़ता, पारदर्शिता और कर प्रणाली के सरलीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘नवीन आयकर अधिनियम, २०२५’ को १ अप्रैल २०२६ से संपूर्ण राष्ट्र में प्रभावी कर दिया गया है। इस नवीन अधिनियम के अंतर्गत आयकर प्रावधानों, नियमों तथा विविध प्रपत्रों (Forms) में किए गए युगांतकारी परिवर्तनों से करदाताओं और आम नागरिकों को आत्मसात कराने के उद्देश्य से, केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निर्देशानुसार देशव्यापी चेतना अभियान चलाया जा रहा है। इसी शृंखला में, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (नागपुर) के कुशल मार्गदर्शन में आयकर कार्यालय, गोंदिया द्वारा शुक्रवार, २२ मई २०२६ को जिला नियोजन भवन, कलेक्टर कार्यालय परिसर (गोंदिया) में एक उच्चस्तरीय, भव्य एवं गरिमामयी जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया।
शुक्रवार को आयोजित इस बौद्धिक संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में नागपुर से विशेष रूप से पधारे ऋषि कुमार बिसेन (IRS), अपर निदेशक आयकर (I&CI), नागपुर उपस्थित रहे। उन्होंने अपने सारगर्भित एवं ओजस्वी संबोधन में नवीन आयकर अधिनियम, २०२५ के मूल दर्शन पर व्यापक प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता बिसेन ने अधिनियम में समाहित मुख्य संशोधनों, नए कर ढांचों और संशोधित प्रपत्रों की तकनीकी बारीकियों को अत्यंत सरल, सुबोध और व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि ये नए नियम करदाताओं की सुविधा, सुगमता और अनुपालन को सुदृढ़ करने के ध्येय से निर्मित किए गए हैं।blankविशिष्ट व्याख्यान के उपरांत एक अत्यंत प्रभावी संवादात्मक सत्र (Q&A Session) का आयोजन हुआ। इस सत्र में मुख्य वक्ता एवं उपस्थित वरिष्ठ आयकर अधिकारियों ने संभागियों द्वारा पूछे गए जटिल एवं व्यावहारिक प्रश्नों के अत्यंत तार्किक, वैधानिक व संतोषजनक उत्तर दिए। अधिकारियों ने कर अनुपालन (Tax Compliance) से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर उपस्थित जनसमुदाय का कुशल मार्गदर्शन कर उनकी समस्त शंकाओं का सहर्ष निवारण किया।

इस महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक आयोजन को सफल बनाने में गोंदिया के आयकर अधिकारी सुमित कुमार एवं नितिन श्रीवास्तव सहित विभाग के अन्य प्रबुद्ध अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महती भूमिका रही।

इस सेमिनार में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी—विशेष रूप से आहरण एवं संवितरण (DDO) का उत्तरदायित्व संभालने वाले अधिकारी, प्रख्यात कर सलाहकार (Tax Consultants), उद्यमी, व्यापारी, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं जागरूक नागरिक भारी संख्या में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित नागरिकों को नवीन आयकर अधिनियम, २०२५ के संबंध में अत्यंत उपयोगी, प्रामाणिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। उपस्थित जनसमुदाय ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे नए राष्ट्र निर्माण और कर चेतना की दिशा में एक कल्याणकारी और समयोचित कदम बताया।

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