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Saturday, August 1, 2026
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महावीर मजूदर संस्था ने नागझिरा अभयारण्य के विकास कार्यों में की गड़बड़ी

> नाम मजदूर संस्थाओं का, काम वन्यजीव मजदूरों का > वरिष्ठ अधिकारियों से जांच करने की मांग

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गोंदिया,6 मईःः नागझिरा अभयारण्य में विभिन्न प्रकार के विभिन्न योजनाओं के तहत लाखो रुपए के काम किए गए। किन्तु अनेक लाखों रुपए के काम नागझिरा अभयारण्य के वनमजदूरों द्वारा कराया गया। जबकि काम संबंधित एजेन्सियों के कामगारों से कराना था। जिससे प्रबल आशंका जताई गई कि नागझिरा अभयारण्य में किए गए लाखों रुपए के कामों में कुछ न कुछ गडबडी है। इन कामों की वरिष्ठ अधिकारियों से जांच की जाए इस तरह की मांग भी की गई है।
महावीर मजदूर सहकारी संस्था घोटी-डव्वा-तिरोड़ा को फायर लाईन का काम १५ लाख रुपए की निधि के तहत दिया गया था। २०१९-२० में यह काम किया गया। फायर लाईन का काम संस्था के मजदूरों द्वारा करना था, किन्तु अधिकांश संस्था के मजदूरों से अधिक नागझिरा अभयारण्य के वनमजदूरों द्वारा किया गया। इसका खुलासा नागझिरा अभयारण्य के वनमजदूर महेंद्र कुरसुंगे, प्रकाश वैद्य तथा अन्यों ने किया है। इसी प्रकार तिरोड़ा, घोटी की मां संतोषी मजदूर सहकारी संस्था को 17 लाख रुपए का काम दिया गया था। किन्तु यह काम संस्था के मजदूरों द्वारा नहीं तो नागझिरा अभयारण्य के वनमजदूरो द्वारा किया गया। थाटेझरी की डा.श्यामाप्रसाद मुखर्जी जनवन समिति को तथा अन्य जनवन समितियों को अखाद्य वनस्पति को नष्ट करने के लिए 7०० हेक्टेयर का काम २९ लाख रुपए की लागत से दिया गया था। जिसमें कक्ष क्र.१२६, ९६,९७,१२४,१२७ में काम किए गए। किन्तु जनवन समिति थाटेझरी के खातों पर जितनी राशि मंजूर हुई थी उतनी राशि जमा नहीं की गई और मजदूरों को नगद राशि १०८ रुपए प्रतिदिवस पर नागझिरा अभयारण्य के एक कर्मचारी द्वारा वितरित की गई। इसका खुलासा एवं शिकायत थाटेझरी डा.श्यामप्रसाद मुखर्जी जनवन समिति के अध्यक्ष भाउलाल कुंभरे ने जिलाधिकारी व साकोली कार्यालय में 6 जनवरी 2020 को की है। किन्तु अभी तक कार्रवाई नहीं की गई। लाकडाउन की कालावधि में जेसीबी व ट्रैक्टर के माध्यम से 20 मार्च से 21 अपै्रल तक रास्ता निर्माणकार्य, गहराईकरण आदि काम नागझिरा अभयारण्य के वन मजदूरों से कराया गया जबकि यह काम मजदूरों से कराया जाना था। अभयारण्य में 19 कैम्प है। इन 19 कैम्पों में से दो-दो वनमजदूरों को इस काम पर बुलाया गया। वहीं आरएफओ शिंदे द्वारा जोर जबरदस्ती की जाती है। बोडूंदा निवासी मंगेश वाढवे या नागझिरा अभयारण्य में स्थित एफडीसीएम के उपहार गृह में काम कर रहा था कि आरएफओ शिंदे द्वारा जोरजबरदस्ती कर उसके साथ मारपीट की और कोरे कागज पर माफीनामा लिखवाया। जिसकी शिकायत 7 दिसंबर २०१९ को जिला पुलिस अधीक्षक गोंदिया से की गई है। लाखों रुपए के काम संस्था के माध्यम से किए गए किन्तु अधिकांश काम नागझिरा अभयारण्य के मजदूरो से कराया गया है। इसकी जांच कर संंबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस तरह की मांग भी की जा रही है।
आरएफओ शिंदे की शिकायत

हिरापुर सहवन क्षेत्र में जनवरी २०२० में फायर लाईन का काम वनरक्षक द्वारा स्थानीय मजदूरों के माध्यम से किया है। लेकिन वनपरिक्षेत्राधिकारी शिंदे ने असंवैधानिक पध्दति से महावीर मजदूर कामगार सहकारी संस्था घोटी-डव्वा तहसील तिरोड़ा के नाम से मोजमाप पुस्तिका व नमुना 32 पर जबरदस्ती से मेरे हस्ताक्षर कराए व उपरोक्त काम की राशि निकालने का प्रयास किया। वहीं कोई वजह नहीं होने के बावजूद भी मार्च २०२० माह का वेतन रोका है। इस तरह की शिकायत कर उपरोक्त मामले की जांच कर मुझे न्याय दिया जाए। इस तरह की शिकायत सहायक वनसंरक्षक नागझिरा अभयारण्य तथा उपसंचालक नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प साकोली से की है।
रूपक डोंगरे, वनपाल, हिरापुर सहवन क्षेत्र