गोंदिया,दि.20 जूनः- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद ने पैट्रोल-और डिजल के दामों में हो रही निरंतर मुल्यवृद्धि के विरोध में” २०जुन को राष्ट्रव्यापी निषेध दिवस ” का आव्हान किया ईसिके मुताबिक आज भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की गोरेगाव एंव गोंदिया तहसील शाखा द्वारा निषेध प्रदर्शन किया गया। तथा ईस माध्यम से प्रधानमंत्री को निवेदन प्रेषित किया गया। जिसमे कोरोना (कोविड-19) के संकटकालीन दौर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में निरतंर की जा रही बढोतरी के फैसले को पूरे तौर पर असंवेदनशील और गलत मानते हुए ईसे वापस लेने की मांग की गई। जब पुरा देश कोरोणा महामारी और सर्वसाधारण जनता के आय के साधन ही सिमित होने से त्रस्त हैं ।तब सरकार द्वारा जनता को राहत देने के बजाय मुनाफा कमाने की ईस असंवेदनशील प्रवृत्ति का निषेध किया गया। निवेदन में कहां गया कि कोरोना (कोविड-19)की वजह से पड़ी आर्थिक मार ने लाखों लोगों की नौकरी और आजीविका छीन ली हैं।बड़े और छोटे व्यवसाय तबाही की ओर है।मध्यमवर्गीयों की आय मे भारी कमी आई हैं ,किसान, खेतिहर और संपूर्ण ग्रामीण जनता संकटकालीन दौर से गुजर रही हैं। ईसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा मूल्यवृद्धी करना असहनीय हैं ।
सरकारी क्षेत्र की आईल मार्केटिंग कंपनीयों ने लगातार ११ वी बार तेल के दामों में वृद्धि की हैं ।वह भी तब,जब कच्चे तेल के दामों में अंतराष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक कमी आई और यहां पैट्रोल में ६ रूपये तथा डिजल के दाम ६.४० रू.बढ़ा दिए गए हैं ।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के माध्यम से तेल के दामों में हो रही निरंतर वृद्धि को वापस लेकर जनता को राहत प्रदान करने की मांग की गई ईस निषेधआंदोलन में का.मिलींद गनविर,प्रल्हाद उके,करूणा गणविर परेश दुरूगवार ,छन्नु रामटेके,सुरेश रंगारी, क्रांति गनविर राकेश हिरदे,कैलास राउत,मुकेश हिरदे,सुशिल शेंदरे,आदि कार्यकर्ता शामिल थे। गोरेगाव मे नायब तहसिलदार चांदेवार को ज्ञापन सोंपा गया,जिस वक्त राज्य कार्यकारीणी सदस्य हौसलाल रहांगडाले,तालुका सचिव चरणदास भावे एंव जिल्हा सचिव कल्पना डोंगरे उपस्थित थे।




