!! रवी रहांगडाले !! संघर्षमय जिवन की प्रेरक कहाणी

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किसी के जिवन मे कितने चढाव उतार आते है, और उन परिस्थितीयो से लढकर जो खुद को साबित करता है तब उसके सफलता की कहानी लिखी जाती है। आज ऐसे हि हमारे समाज के प्रतिभावान एंव मृदुभाषी रवि रहांगडाले के जिवन के संघर्षो की कहानी मै इस लेख द्वारा लिखने का प्रयास कर रहा हूं। यह लेख प्रेरणा है उन प्रतिभावान विद्यार्थीयो के लिए जो आज अपने भविष्य के लिए अथक परिश्रम कर रहे है।

दि. २८. ०६. १९८५ को ग्राम गोंगले तह सडक अर्जुनी जिला गोंदिया मे एक सामान्य गरिब परिवार मे जन्मे रवी रहांगडाले इनका बचपन ही संघर्षो से भरा रहा। बेटे के भविष्य को लेकर मां चिंतित होने की वजह से रवी को उनकी मां ने मामाजी के यहां शिक्षा के लिये भेजा। रवी की प्राथमिक एंव माध्यमिक शिक्षा मामाजी के गांव आसोली तह+जिला गोंदिया जिल्हा परिषद स्कुल से मराठी माध्यम मे हूयी। आर्थिक परिस्थिती उतनी सक्षम नही रहने की वजह से उन सारी सुविधाओ से रवी वंचित रहे। फिर भी उन्होने १२वी कक्षा मे स्कुल मे प्रथम स्थान अर्जित किया। इस उपलब्धी के लिए उनको भुतपुर्व केंद्रिय मंत्री श्री प्रफुल पटेल द्वारा पुरस्कृत किया गया था।

पायाभुत शिक्षा के बाद मे उन्होने २००३ मे फुलचुच (गोंदिया) से ITI मे COPA का कोर्स पुर्ण किया। COPA कि पढायी पुर्ण होने के बाद उन्होने २००४ से NMD कॉलेज गोंदिया से इंग्लिश लिट्रेचर मे ग्रॅज्युएशन पुर्ण किया। गोंदिया मे पढायी उन्होने आत्मनिर्भर होकर की है। BA कि पढायी करते करते वह प्रात: और संध्या को बैकुंठ इंस्टिट्युट एंव गोकुल इंस्टिट्युट मे MS- CIT पढाने का काम भी करते थे। इस बिच उन्हे पढाने के लिए १००० रुपये प्रतिमाह तनख्या मिलती थी जिसमे वह अपनी पढायी और रुम का किराया भोजन एंव मुलभुत चिजे करते थे। तिन वर्षो मे उन्होने अथक संघर्ष के साथ ग्रॅज्युएशन पुर्ण किया।

ग्रॅज्युएशन पुर्ण होने के बाद २००८ मे वह नौकरी की तलाश मे मुंबई गये, और लगभग २० दिन वह नौकरी खोजते रहे, इस बिच उन्हे भुक, प्यास और रहने की सारी समस्याओ का सामना करना पडा। जब वह मुंबई गये तब ना कोई सहारा ना कोई रहने का ठिकाना था फिर भी उन्होने हार नही मानी और वह नौकरी खोजते रहे। २० दिन का अतिसंघर्षमय समय व्यतित करने के बाद उन्हे मुंबई मे ही DSM shooting india limited मे सेल्स ऑफिसर के पद पर ४००० रुपये मासिक तनख्वा की नौकरी मीली जिससे उनका मुंबई मे स्थाईत्व की उम्मिद बढी।

२००९ मे उन्होने KK birla group मुंबई, ज्वाईन किया और वह वहां SAP consultant के पद पर कार्य करने लगे। रवी अब स्थयी हो चुके थे, इसलिए उन्होने MBA की पढायी करने की तैयारी की। उन्होने २००९ – २०११ इस काल मे उन्होने Marketing & finance मे MBA पुर्ण किया।

MBA पश्च्यात उन्होने २०११ से accenture सर्विसेस प्रायव्हेट लिमिटेड मुंबई मे SAP consultant पद पर कार्य प्रारंभ किया। २०१४ मे एटॉस इंडिया लिमेटेड पुणे मे SAP consultant पद पर कार्यभार सम्हाला। २०१७ मे उन्होने IBM INDIA LTD मे SAP consultant, team leader के पद पर कार्य किया। २०१९ से जुन २०२० तक cognizant technology solution ltd. मे SAP CONSULTANT TEAM LEADER के तौर पर कार्य किया। जुन २०२० मे उन्होने विप्रो लिमिटेड पुणे मे प्रोजेक्ट मॅनेजर की तौर पर कार्य प्रारंभ किया और वर्तमान मे वह Apple प्रोजेक्ट का प्रबंधन कर रहे है।

बहूत सारे संघर्षो से लढकर आज रवीजी जिस मुकाम पर खडे है वह हम जैसे युवाओ के लिए प्रेरणा है। वही उन्होका समाज के प्रती लगाव दिखाता है की वह कितने सामाजिक भी है… रवीजी २०१० मे मुंबई पोवार समाज संघ से जुडे बाद मे पुणे आने के बाद २०१४ मे पुणे पोवार समाज संघ से जुडे। बाद मे उनका समाज प्रेम देखते हूये उन्हे युवा पुणे पोवार समाज संघ का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होने पुणे मे रहकर समाज उपयोगी करियर गायडंस प्रोग्राम, मिलन समारोह, एंव वार्षिक स्नेहसम्मेलन मे अपना अद्भुत योगदान दिया है। आज वह एक सफल व्यक्ती है एंव उनके स्वभाव मे थोडासा भी अहंकार दिखायी नही पडता। सादगी एंव सरलता से जिवण व्यापन करने वाले श्री रवी रहांगडाले समाज के सामने एक आदर्श उदाहरन है। हम उनके स्वास्थ्य, सफल जिवन एंव उत्कृष्ठ जिवण की कामणा करते है। इन्ही शुभकामनाओ के साथ आप आसमान की बुलंदिये को छुये यही हमारे और से बधाईयां…!!

✍🏻 नितेश एल. भगत
powarihistory.blogspot.com