पूरे विदर्भ में अवैध होर्डिंग्स पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी
नागपुर,,दि.०६- बॉम्बे हायकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने अवैध होर्डींग को लेकर दाखिल याचिका के दायरे को अब विदर्भ स्तर तक विस्तारित कर दिया है। अदालत ने विदर्भ के सभी 11 जिलों को इस याचिका में शामिल करते हुए प्रत्येक जिले के लिए एक-एक वकील को न्यायालय मित्र के रूप में नियुक्त किया है। पीठ ने याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर संशोधित याचिका दाखिल करने के लिए कहा है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि अवैध होर्डिंग्स की समस्या केवल नागपुर शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विदर्भक्षेत्र में फैली हुई है। विशेष रूप से जिला और तालुका स्तर पर यह समस्या अधिक गंभीर रूप में सामने आ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने याचिका के दायरे का विस्तार करने का निर्णय लिया है, ताकि पूरे विदर्भ में अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। नागपुर शहर में अवैध होर्डिंग्स को लेकर परिवर्तन एनजीओ के सचिव दिनेश नायडू द्वारा दाखिल की गई अवमानना याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की पीठ ने यह निर्णय लिया है। इस संबंध में अगली सुनवाई तीन सप्ताह के भीतर निर्धारित की गई है।
ये हैं 11 न्यायालय मित्रों के नाम: अदालत ने विदर्भ के 11 जिलों के लिए 11 वकीलों को न्यायालय मित्र के रूप में नियुक्त किया है। इनमें नागपुर के लिए एड. तुषार मंडलेकर, गोंदिया एड. वेदांत पांडे, वर्धा एड. शंतनू भोयर, यवतमाल एड. महेश धात्रक, अकोला एड. जुगविजय गांधी, अमरावती एड. कुलदीप महल्ले, चंद्रपुर एड. मोहित खजांची, भंडारा एड. – कौस्तुभ देवगडे, गड़चिरोली एड. विजय मोरांडे, वाशिम एड, राहुल घुघे तथा बुलढाणा के लिए एड. ऋग्वेद ढोरे के नाम शामिल हैं





