गोंदिया. नाबार्ड के माध्यम से संपूर्ण देश में रोड़-रास्ते बहुत बनाए गए है. किसानी के सेक्टर में पैसा बहुत है. वही अब फोकस जीआई टेकिंग पर कर रहे है. जीआई टेकिंग वाले प्रोडक्ट की कीमत अधिक बढ़ जाती है. जिससे जीआई टेकिंग से किसानों का विकास संभव है. उक्त आशय के विचार नाबार्ड के जिला महाप्रबंधक अविनाश लाड ने राधाबाई नर्सिंग स्कूल के हॉल में श्री गणेश ग्रामीण विकास शिक्षण संस्था गोंदिया व नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में नाबार्ड के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष पद से मार्गदर्शन करते हुए व्यक्त किए.
प्रमुख अतिथियों के रूप में जिला डीडीआर योगेश भाकरे, श्री ग्रामीण विकास शिक्षण संस्था के सचिव विजय बहेकार, प्रा. सविता बेदरकर, प्रा. रामकृष्ण चौधरी, पूर्व खंडविकास अधिकारी सुदेश वाघाये आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के हस्ते महापुरुषों के तैलचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन कर की गई.
इस कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए विजय बहेकार ने बताया कि गरीबी उन्मूलन व ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए नाबार्ड प्रयास कर रहा है. नाबार्ड के माध्यम से अलग-अलग उपक्रम शुरू है. महिलाओं के लिए भारत में सबसे पहले बचत गटों की स्थापना की गई. एल.जी.एल. ग्रुप, फार्मस क्लब, प्रोड्युशन कंपनी आदि से किसानों की आय बढ़ाने का कार्य किया गया.डीडीआर भाकरे ने अपने मार्गदर्शन में कहा कि देश में खाद्यान्न के बडे-बडे गोदाम नाबार्ड की वजह से बने है. जिससे देश में खाद्यान्न की कमी नही है. नाबार्ड का कार्य प्रशंसनीय है. देश के विकास में नाबार्ड का महत्वपूर्ण योगदान है.
प्रा. चौधरी ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि डा. बाबासाहेब आंबेडकर के प्राब्लन ऑफ रूपी के आधार पर नाबार्ड की स्थापना की गई. जिसका मूल आधार ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम करना है. प्रा. सविता बेदरकर ने भी प्रसंगावधान विचार रखे.
इस अवसर पर प्रोजेक्टर के माध्यम से विद्यार्थियों को किसानों की विभिन्न फसलों व उत्पादनों की जानकारी दी गई. कार्यक्रम का संचालन रेखा बानेवार ने किया व आभार नाबार्ड के ललित टेंभरे ने माना. ज्योती वारे सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने सहयोग किया.





