गोंदिया,=छत्रपति संभाजी नगर में आयोजित आयटक से संबद्ध महाराष्ट्र राज्य ग्राम पंचायत कर्मचारी महासंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार, पूरे महाराष्ट्र में 75,000 ग्राम पंचायत कर्मचारी एक ज़ोरदार, राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर चुके हैं.यह कदम सरकार द्वारा उनकी लंबे समय से लंबित मांगों की जानबूझकर और लगातार की जा रही उपेक्षा के विरोध में उठाया गया है, जबकि अतीत में कई बार विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं। इस आंदोलन के माध्यम से, कर्मचारियों का उद्देश्य अभय यावलकर समिति द्वारा की गई सिफारिशों को स्वीकार करवाने; 23 फरवरी से प्रभावी बढ़ी हुई न्यूनतम मज़दूरी का भुगतान करवाने; वेतन अनुदानके लिए आय-आधारित पात्रता मानदंड को समाप्त करवाने; दमनकारी जनसंख्या-आधारित आकृती बंध रद्द करवाने; बैंक खातों के माध्यम से मासिक वेतन का सीधा हस्तांतरण करवाने; भविष्य निधि (PF) रिकॉर्ड को अपडेट करवाने; और सरकार द्वारा 100% जीवन-यापन भत्ता प्रदान करवाने पर ज़ोर देना है। इसी उद्देश्य से, गोंदिया में तालुका अध्यक्ष देवेंद्र मेश्राम की अध्यक्षता में, और राज्य महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष मिलिंद गणवीर, आयटक के ज़िला सचिव रामचंद्र पाटिल, तालुका सचिव विनोद शहारे, और ज़िला उपाध्यक्ष भऊलाल कटंगकर की गरिमामयी उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, तीन चरणों वाली राज्यव्यापी आंदोलन योजना को अंतिम रूप दिया गया: 11 मई को, गोंदिया ज़िला परिषद और ज़िला कलेक्टर कार्यालय में एक विरोध मार्च और (lधरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा; 8 जून से नागपुर में मुख्यमंत्री सचिवालय के समक्ष एक अनिश्चितकालीन राज्यव्यापी धरना दिया जाएगा और 6 जुलाई को, वरिष्ठता सूची (seniority roster) में सूचीबद्ध कर्मचारी 10% आरक्षण कोटे के अनुसार ज़िला परिषद सेवाओं में भर्ती की मांग को लेकर मुंबई मंत्रालय में एक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरना शुरू करेंगे। इसके अलावा, इस आंदोलन के दौरान, ‘ग्रुप ड ‘ पदों के लिए एक विशेष भर्ती अभियान चलाने की एक विशिष्ट मांग भी उठाई जाएगी—जो मौजूदा अनुकंपा नियुक्ति योजना के समान हो और जो वर्तमान में ‘ग्रुप क ‘ पदों पर लागू भर्ती प्रक्रिया की तर्ज़ पर हो सभा मे कर्मचारियों से इस तीन-चरणों वाले राज्यव्यापी आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान मिलिंद गणवीर ने कीया । इस कार्यक्रम में तालुका महासंघ के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी समिति के सदस्यों—जिनमें महेंद्र भोयर, मुकेश बिसेन, माणिक उके, शहेसराम महूले, सुरेश पंधरे , सुरेश ठाकरे, देवेंद्र क्षीरसागर, सुजीत खोबरागड़े, राहुल उपवंशी, यवन धमगाये, संजय चचाने, सुशील डोंगरे और तेजसिंह नैकाने साथ कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।





