
गोंदिया : स्वतंत्रता पूर्व समय से समाज को नई दिशा दिखानेवाले अनेक महापुरुष हुए. जिनमें से एक है क्रांतीसुर्य बिरसा मुंडा जिन्हें हम सब धरतीबाबा के नाम से भी जानते है. अपने 25 साल की आयु में ही समाज के लिये अनेक उल्ल्लेखनीय कार्य किये. किसके दबाव में न आते हुए एवं किसी प्रलोभन को दूर रखते हुए उन्होंने अपना सर्वस्व समाज के लिए अर्पण कर समाज को एक नई दिशा दिखाने का कार्य किया. वैसे ही शाहिद जननायक बिरसा मुंडा इनके विचारो पर चलते हुए समाज की प्रगती संभव है ऐसा प्रतिपादन जनता के आमदार श्री. विनोद जी अग्रवाल इन्होंने किया. ग्राम सिरपूर में अमर शाहिद जननायक बिरसा मुंडा इनके जयंती निमित्त आयोजित कार्यक्रमात में वह अपने विचार रख रहे थे. संघर्ष से समाजकल्याण के प्रतीक के रूप में क्रांतिसूर्य बिरसा मुंडाजी को मैं देखता हूं ऐसा भाव भी उन्होंने व्यक्त किया. दरम्यान भाऊरावजी उके, छत्रपालजी तुरकर एवं मुनेश जी रहांगडाले प्रमुख रूप से उपस्थित होते.
आगे बोलते हुए आमदार अग्रवालजी ने कहा की हाल ही में हुए चुनावों में आपने मत रूपी जो आशीर्वाद दिया उसके लिए सैदैव आपका ऋणी रहुगा वैसे ही आगामी ५ साल केवल नल्ली और गल्ली तक विकास को सीमित न रखते हुए समाजाच का जीवनमान सुधारकर समाज को मुख्य प्रवाह में जोड़ते हुए समाज का सर्वांगीण विकास करना यह प्राथमिक उद्देश्य है ऐसा मत आ. विनोदजी अग्रवाल इन्होंने व्यक्त किया. किसी भी समस्या के लिए मेरे जनसेवा केंन्द्र के दरवाजे हमेशा खुले है और मुझसे संपर्क कर आप अपने किसी भी समस्या को मेरे पास रख सकते है ऐसा आवाहन भी आ. विनोद अग्रवाल इन्होंने उपस्थितो की किया. दरम्यान जि. प. सदस्य कुंदनभाऊ कटारे, सरपंच रावणवाडी सुजितभाऊ येवले, दिलीपजी मुंडले, अशोक मेंढे, यशवंत मेश्राम, अनिरुद्ध बिसेन, राजेंद्र टेंभरे, राजेश पटले, श्याम कुंजाम, अनील बरईकर, टेकचंद पटले, विजयसिंह नौकाणे, पुरणलाल चिखलोंढे, प्रकाश तुरकर, यशवंत मेश्राम, मधुकर साकुरे, रंजीत बरेले , चित्तरंजन साठवणे, सेवक नागपुरे, धर्मराज नागपुरे, गणेश नागपुरे, गोविंदप्रसाद निवारे, दुःखहरण गेडाम, नूतन नागपुरे, ईसुलाल चौधरी, हेमंत बिसेन, संतोष शेंडे, संतोष डोंगरे, देवानंद नागपुरे, बाबा नागपुरे, अरविंद रोडगे, गोविंद गेडाम, ओमप्रकाश खंडाये, संदीप बागडे, अनिल गजभिये, सुरेश पटले, युगल तिवारी, दीपक टेंभरे, अशोकजी चिखलोंढे, शिवराम नागपुरे, मनीष रंगारी, रमेश रोडगे, युवराज वरकडे, जनक कुंजाम, कुषण पंधरे, तुलसीराम कंगाले, गेंदलाल उईके, पुरुषोत्तम कोरचाम, बळीराम उईके, तेजराम उईके, भूमेश्वर पुसाम, कामेश्वर कुंभरे, कल्पेश मरकाम, पुरुषोत्तम वरकडे, दिलबक्ष कोडापे, कामराज पुसाम एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे.




