
उज्जैन(न्युज एजंसी)ः उज्जैन के जिला चिकित्सालय के आपरेशन थियेटर में हुए चुंबन कांड़ ने कोरोना संक्रमण से जूझने को लेकर किए गए चार डॉक्टरों के तबादले तीन घंटे के अंदर निरस्त कर दिए । कोरोना संक्रमण को लेकर यह मामला मध्यप्रदेश सरकार की गंभीरता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है ।
गौरतलब है कि कल शाम को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा क्रमांक/विज्ञप्त/कोविट -19/2020/657 भोपाल दिनांक 06/05/2020 के द्वारा प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से तत्कालिक व्यवस्था के तहत विशेषज्ञ/प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारीयों के पद पर चार तबादले किए गए थे ।
इस आदेश में एक तबादला डॉ राजू निदारिया निश्चेतना विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय शाजापुर को प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अधीक्षक जिला चिकित्सालय उज्जैन के पद पर पदस्थ किया गया था । गौरतलब है कि लगभग तीन माह पूर्व डॉ निदारिया जिला चिकित्सालय के आपरेशन थियेटर में एक नर्स का चुंबन लेते हुए वीडियो कैमरे में कैद हो गये थे । वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया और डॉक्टर निदारिया को यहां से हटा दिया गया । मध्यप्रदेश में सरकार बदलते ही कोरोना संक्रमण ने पैर पसार लिए । उज्जैन के हालात दिन बदिन बिगड़ते जा रहे हैं । जिसको लेकर उज्जैन में चिकित्सकों की आवश्यकता है । इसे देखते हुए डॉ निदारिया ने अपने राजनैतिक और प्रशासनिक संपर्क का फायदा उठाते हुए इस लिस्ट में अपना नाम जुड़वा लिया ।
जब यह मामला उच्च स्तर पर संज्ञान में लाया गया तो ताबड़तोड़ तरीके से जारी किए गए आदेश को चार पांच घंटे में निरस्त कर दिया गया ।
आखिर क्या वजह है जब कोरोना संक्रमण को लेकर आवश्यकता अनुरूप तबादला आदेश जारी किया गया था तो फिर इसे निरस्त क्यों किया गया । सरकार चाहती तो सिर्फ डाक्टर निदारिया का तबादला आदेश निरस्त कर सकती थी । यह उच्च स्तर पर मध्यप्रदेश शासन की कोरोना संक्रमण को लेकर अपनाई जा रही लापरवाही को दर्शा रही है ।
इस मामले को लेकर अपर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सपना लोवंशी का कहना है कि तबादला आदेश प्रशासकीय स्तर पर जारी किए गए थे और उन्हें स्थगित भी प्रशासकीय स्तर पर किया गया है । आदेश जारी करने और ताबड़तोड़ तरीके से स्थगित किए जाने के कारण को लेकर उन्होंने कहा कि यह उच्च अधिकारी ही बता सकते हैं ।





