गोंदिया. अकृषक (NA) रूपांतरण और सनद की अनिवार्यता समाप्त होने के बावजूद नागरिकों को हो रही परेशानियों को लेकर भाजपा रेलटोली मंडल ने नगर परिषद गोंदिया के मुख्याधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। मंडल अध्यक्ष ऋषिकांत (ऋषि) साहू की अगुवाई में सौंपे गए इस ज्ञापन में शासन के नए नियमों के तहत तत्काल स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
सौंपे गए ज्ञापन में ऋषिकांत साहू ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार के राजस्व व वन विभाग ने 10 फरवरी 2026 को जारी शासन निर्णय (क्र. एनएपी-2025/प्र.क्र.177/जमीन-01अ) के तहत अकृषक अनुमति और सनद की बाध्यता को खत्म कर दिया है। नए नियमानुसार, महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगररचना अधिनियम 1966 के तहत विकास या भवन निर्माण अनुमति मिलने के बाद पृथक से अकृषक अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है और सीधे राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टियां दर्ज की जानी चाहिए।
राजस्व अभिलेखों में अब भी कृषि भूमि दर्ज गोंदिया नगर परिषद क्षेत्र में स्थिति यह है कि अधिकांश भूमि अब भी राजस्व रिकॉर्ड में कृषि स्वरूप दर्ज है। विभिन्न कार्यों के लिए नागरिकों को बार-बार भूमि अकृषक कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे आम जनता में भ्रम की स्थिति बनी हुई है और उन्हें प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई प्रतियां भाजपा रेलटोली मंडल ने मांग की है कि नगर परिषद क्षेत्र के लिए पारदर्शी प्रक्रिया और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। इस ज्ञापन की प्रतियां नगर विकास मंत्री, राजस्व मंत्री, जिलाधिकारी, स्थानीय विधायक और नगर रचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रेषित की गई हैं।
ज्ञापन सौंपते समय यह रहे उपस्थित ज्ञापन सौंपते समय नगर परिषद के भाजपा गट नेता व गोंदिया बाजार मंडल अध्यक्ष विवेक मिश्रा, नगर परिषद उपाध्यक्ष संतोष पटले, सभापति प्रदीप (पिंटू) माने, सभापति कैलाश यादव, नगरसेवक शिव शर्मा, नगरसेवक शिशिर (गोलू) बिसेन, नगरसेवक राजीव (रिंकू) आसवानी, घनश्याम पानतावने, राहुल वाल्दे, धर्मेश (बेबी) अग्रवाल, शहर महामंत्री नीतीश शाह, आशीष ठकरानी और राकेश अग्रवाल सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





