24.3 C
Gondiā
Saturday, July 25, 2026
Home हिंदी खबरे रंगारंग हुई होली मिलन एवं महिला दिवस कवि गोष्ठी

रंगारंग हुई होली मिलन एवं महिला दिवस कवि गोष्ठी

0
31

भिन्न भाषी साहित्य मंडल का अनूठा आयोजन
गोंदिया -भिन्न भाषी साहित्य मंडल गोंदिया जिले में एकमात्र ऐसा नाम जो अपनी 70 वर्ष की साहित्यिक यात्रा को सफलतापूर्वक पूर्ण करने जा रहा है की मासिक कवि गोष्ठी की श्रंखला में मार्च माह की मासिक कवि गोष्ठी रविवार दिनांक 8 मार्च को दोपहर में होली मिलन एवं महिला दिवस के रूप में उत्साह के साथ आयोजित की गई। ओबीसी रेलवे कर्मचारी असोसिएशन कार्यालय, रेलवे स्टेशन के पास में आयोजित कवि गोष्ठी की अध्यक्षता श्री राजस्थानी ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ समाजसेवी पं. बजरंगलाल शर्मा ने की। बतौर प्रमुख अतिथि भानेगांव मध्यप्रदेश के गीतकार कवि श्री कृष्णकुमार मिश्रा सुबोध, विशेष अतिथि वरिष्ठ कवि श्री प्रकाश मिश्रा, रेलवे इंजीनियर कवि श्री रोहित बिसेन एवंम वरिष्ठ कवि, मंच संचालक श्री रमेश शर्मा मंच की आसंदी पर विराजमान थे। अतिथियों ने विधिवत माँ सरस्वती के छायाचित्र का पूजन किया एवं वरिष्ठ कवि श्री रूप चंद जुम्हारे ने गुलाल का तिलक लगाकर सभी उपस्थितों का होली अभिनन्दन किया। अतिथि स्वागत संस्था के पदाधिकारी सदस्य श्री छगन पंचे छगन, श्री चिरंजीव बिसेन,श्री रूपचंद जुम्हारे, श्री संतोष सिंह नैकाने, रोमेन्द्र बोरकर ने किया। महिला दिवस निमित्त उपस्थित कवयित्री प्रियंका सजल आमगांव, शालू कृपाले, कीर्ति अग्रवाल एवं भारती किरनापुरे का पुष्पगुच्छ एवं भेंट वस्तु तथा श्रीमती उर्मिला पंचे व रजनी चौरीवार का पुष्पगुच्छ प्रदान कर संस्था के सचिव श्री मनोज एल जोशी, सहसचिव श्री निखिलेशसिंह यादव एवं शालू कृपाले के हाथों सम्मान किया गया। विमर्श के तहत श्री रमेश शर्मा ने रंगों की उत्पत्ति एवं उसके महत्व तथा महिला दिवस की महत्ता पर अपने सारगर्भित विचार रखे। कवि गोष्ठी का शुभारंभ गीत, ग़ज़लकारा प्रियंका सजल के सुमधुर स्वरों में माँ सरस्वती की वंदना से हुआ।जिसमें शायर असीम आमगांवी आमगांव, कवयित्री शालू कृपाले, कीर्ति अग्रवाल, भारती किरनापुरे, प्रियंका सजल के साथ ही कविवर चिरंजीव बिसेन, रोमेन्द्र बोरकर, निखिलेशसिंह यादव, सुरेन्द्र जगने, रूपचंद जुम्हारे, संतोष सिंह नैकाने, कृष्णकुमार मिश्रा सुबोध, रोहित बिसेन, किशनलाल सिंह गुरु,वरिष्ठ कवि गीतकार शिव शर्मा, प्रकाश मिश्रा, छगन पंचे छगन, शशि तिवारी, एवं रमेश शर्मा ने होली व महिला दिवस के साथ ही अन्य समसामयिक रचनाएँ, गीत, ग़ज़ल, हज़ल, व्यंग्य, हास्य, छंद, मुक्तक आदि सुनाकर लगभग तीन घंटे से भी अधिक समय तक गोष्ठी को साहित्यिक ऊंचाई प्रदान की एवं एक यादगार समा बांधा। रंगारंग हुई इस काव्य गोष्ठी में शिक्षण संस्था संचालक अनिल मदारकर, हास्य रचनाकार के डी अरोरा, युवा वायु के सहयोगी संपादक लखन चौरीवार, आदि ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच संचालन का दायित्व बखूबी संभाला कविवर रमेश शर्मा ने। आरंभिक कार्यवाही का संचालन एवं प्रस्तावना संयोजक श्री शशि तिवारी ने रखी। सहसचिव श्री निखिलेशसिंह यादव ने आगामी माह संस्था के बैनर तले आयोजित अ. भा. कवि सम्मेलन के लिए सभी सदस्यों से सहयोग का अनुरोध किया। अध्यक्षीय सम्बोधन में पं. बजरंग लाल शर्मा ने सभी को गोष्ठी में सार्थक रचना पाठ के लिये बधाई दी। अंत में सचिव श्री मनोज एल जोशी ने आज बिरज में होरी मेरे रसिया की सस्वर प्रस्तुति करते हुए सभी का आभार माना। संस्था के पूर्व उपाध्यक्ष अधिवक्ता स्व. कांतिलाल अग्रवाल के हाल ही में स्वर्गवासी होने पर उन्हें दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि पश्चात गोष्ठी को अगले माह तक विराम दिया गया।

blank