27.7 C
Gondiā
Saturday, August 8, 2026
Home हिंदी खबरे साहित्य मंडल की रसीली काव्य महफिल

साहित्य मंडल की रसीली काव्य महफिल

0
33

गोंदिया,25 नवबंरः- स्थानिय भिन्न भाषी साहित्य मंडल गोंदिया का सतत प्रयास रहा है गोष्ठियों एवं विमर्श का आयोजन कर शहर में साहित्य के वातावरण को बनाए रखना।इसी श्रंखला में 24 नवम्बर रविवार को दोपहर 3,00बजे से मंडल के संयोजक वरिष्ठ कवि शशि तिवारी के परमात्मानगर स्थित निवास पर आयोजित काव्य महफिल में कवियों ने अपनी विविध विधाओं की रचनाओं से महफिल में खूब रंग जमाया।अध्यक्षता साहित्य कला प्रेमी वनरक्षक श्री राधेश्याम राहांगडाले ने की।बतौर प्रमुख अतिथि वरिष्ठ कवि,विचारक श्री रमेश शर्मा उपस्थित थे।
अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के छायाचित्र के पूजन पश्चात सहसचिव जितेन्द्र तिवारी व निखिलेशसिंह यादव ने अतिथि व कवियों का स्वागत किया।कवि शशि तिवारी के मधुरस्वरों में शारदा वंदना से काव्य महफिल का आगाज हुआ।
काव्य महफिल में निखिलेशसिंह यादव के मुक्तकों के साथ छंद महल को छोड़ राम चले वन को तो सुनसान वन को महल होना चाहिये,मनोज बोरकर मुसव्विर के पैने व्यंग्य पुल बनने के पहले ठेकेदार का बिल निकाल दिया व ग़ज़लों,डाॅ,नूरजहाँ पठान के मराठी गीत ग़ज़लों,प्रकाश मिश्रा के गीत नदियाँ इतनी मीठी क्यों,सागर इतना खारा क्यों व जीवन की परिभाषा,मराठी के जाने पहचाने हस्ताक्षर माणिक गेडाम की रचना अलिकडे तो झोपत नाही पलंगावर या खाटेवर,
छगन पंचे की रचना जिंदगी तुझे बंदगी,बंदगी,रमेश शर्मा की ग़ज़ल मेरे खत सबको पढ़ाते क्यों हो, अपने जल्वों को दिखाते क्यों हो तथा शशि तिवारी की व्यंग्य चुटकियों के साथ गीत मुझसे जुर्म हुआ बस इतना तुमसे आँखें चार हो गयी ने महफिल को गरिमा प्रदान कर अच्छा समां बाँधा।अध्यक्षीय संबोधन में श्री राहांगडाले ने साहित्य मंडल के प्रयासों की सराहना कर अपनी शुभकामनाएँ दी। कवियों का परिचय कराती काव्य प॔क्तियों के साथ कुशल संचालन किया कविवर छगन पंचे छगन ने तथा सचिव मनोज एल जोशी ने सभी का आभार माना।इस अवसर पर अध्यापक रवि गायधने व अन्य काव्यप्रेमी उपस्थित थे।