गोरेगांव –गोरेगांव तहसील अंतर्गत पिंडकेपार मार्ग का पुल जीर्ण अवस्था में होने से कभी भी यह ढह सकता है। इस पुल से चौबीसों घंटे आवागमन शुरु रहता है। जिससे वाहन धारकों की जान खतरे में आ जाती है। फिर भी इस ओर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ध्यान देने के बजाय चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। यह पुल यदि ढह जाता है तो, इसके लिए जिम्मेदार केवल प्रशासन ही होगा।
बता दें कि पिंडकेपार मार्ग पर ब्रिटिशकालीन छोटा पुल है। इस मार्ग से कुरहाड़ी, पाथरी, मुलपुरी, हिरापुर, कन्हारटोला, भडंगा, मुंडीपार, गराडा, सोदलागोंदी तथा जिला मार्ग की ओर आवागमन किया जाता है। पुल इतना जीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है कि पुल की ऊंचाई समतल होते जा रही है। इतना ही नहीं तो पुल के बीचों बीच गड्ढा हो गया है। जिस वजह से इस पुल को पार करते समय वाहन धारकों को अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करना पड़ रहा है। इसी मार्ग से विधायक, क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य, पंस सदस्य तथा जनप्रतिनिधि गुजरते हैं। यह पुल उनके निर्देश में आता है। किंतु इस ओर वे अनदेखी कर रहे हैं। कभी भी यह पुल ढहकर बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।





