गोंदिया,17 फरवरी। शिकायतकर्ता लकड़ा ठेकेदार द्वारा किसानों के खेत से काटे गए सागवन व आड़ जात के पेड़ों को वनविभाग से मंजूरी लेकर यातायात परवानगी मांगने पर तिरोडा के वन परिक्षेत्राधिकारी कार्यालय के लेखापाल आरोपी दिवाकर धांडे व निजी व्यक्ति राजीव झिबल द्वारा 4 हजार की रिश्वत लेने के मामलों पर एन्टी करप्शन ब्यूरो गोंदिया ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
गोंदिया जिले में अभी गोरेगाँव तहसील के तहसीलदार पुनसे का रिश्वत मांगने का मामला अभी शांत ही नही हुवा था कि, आज तिरोडा में ये मामला सामने आ गया। इन प्रकरणों से ये बात तय है कि प्रशासकीय स्तर पर रिश्वत के मामले जोर पकड़ रहे है, और जनता भी इन रिश्वतखोरों से सजग होकर इनके चिट्ठे खोल रही है।
जानकारी के तहत आरोपी दिवाकर धांडे वन परिक्षेत्राधिकारी कार्यालय तिरोडा में लेखापाल है। शिकायत कर्ता लकड़ा ठेकेदार ने कुछ दिन पूर्व चुरडी स्थित किसान की खेत जमीन पर लगे सागवन और आड़ जात के झाड़ो की कटाई की थी। और उसके यातायात के लिए वन विभाग के इस कार्यालय में आकर परवानगी मांगी थी। परंतु उपस्थित लेखापाल दिवाकर धांडे ने प्रस्ताव की पड़ताल कर उसे ऊपर उपवन सरंक्षक वनविभाग गोंदिया कार्यालय में भेजने हेतु प्रति प्रस्ताव पर 2 हजार ऐसे दो प्रस्ताव पर 4 हजार रुपयों की मांग की थी। परंतु शिकायत कर्ता को ये रिश्वत देने की इक्षा नही होने पर उसने इसकी शिकायत 11 फरवरी 2020 को गोंदिया एसीबी को की।जिसके बाद एसीबी गोंदिया ने पूरी पड़ताल कर आज 17 फरवरी को जाल बिछाकर आरोपी दिवाकर धांडे व निजी व्यक्ति राजीव झिबल को रिश्वत स्वीकारने, सबूत नष्ट करने पर गिरफ्तार कर तिरोडा पुलिस थाने में कलम 7,62 प्र. का. 1988(सुधारित अधिनियम 2018) के तहत मामला दर्ज किया है।
इस कार्रवाई को श्रीमती रश्मी नांदेडकर, पोलीस अधीक्षक, श्री राजेश दुदलवार अपर पोलीस अधिक्षक, लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग, नागपूर, के मार्गदर्शन में रमाकांत कोकाटे पोलीस उपअधिक्षक, शशिकांत पाटील पोलीस निरीक्षक, सा.फौ. शिवशंकर तुंबळे, पो.हवा. राजेश शेंद्रे, ना.पो.शि. रंजीत बिसेन, डिगांवर जाधव, नितीन रहांगडाले, राजेंद्र विसेन व चालक नापोशि. देवानंद मारबते ने की।





