पाश्चात्य संस्कृति के विरोध में बजरंग दल का आह्वान
चित्रा कापसे/तिरोडा-विश्व हिंदू परिषद के जिला समरसता प्रमुख मुन्ना लिल्हारे ने हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि हिंदू नववर्ष 1 जनवरी को नहीं बल्कि गुड़ीपाड़वा के दिन ही मनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि 1 जनवरी को नववर्ष मनाना हिंदू संस्कृति के विरोध में है और यह पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण है.
मुन्ना लिल्हारे ने कहा कि गुड़ीपाड़वा हिंदू पंचांग के अनुसार नवसंवत्सर की शुरुआत का दिन है, जिसका धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है. इसी दिन से सृष्टि की रचना, चैत्र नवरात्रि एवं अनेक धार्मिक परंपराओं का प्रारंभ माना जाता है.
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पाश्चात्य सभ्यता के प्रभाव से बाहर निकलकर अपनी सनातन परंपराओं को अपनाएं और हिंदू नववर्ष को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाएं. साथ ही उन्होंने कहा कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर ही अपनी पहचान को मजबूत करना होगा.विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल की ओर से यह भी कहा गया कि हिंदू समाज को अपनी संस्कृति, त्योहारों और परंपराओं का सम्मान करते हुए गुड़ीपाड़वा को ही सच्चे अर्थों में नववर्ष के रूप में मनाना चाहिए.





