👊मिलकर करेंगे आक्रोश आंदोलन
👊विधेयक को बताया संविधान विरोधी
गोंदिया,14दिसबंर:– नागरिकता (संशोधन) विधेयक, यानी सिटिज़नशिप (अमेंडमेंट) बिल या सीएबी (CAB) संसद के दोनो सदनो में पास हो चुका है तथा पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ. केंद्र सरकार के इस कानून का देश भर में विरोध हो रहा हैं और इसे भारत के मूल नियमों के खिलाफ और भारत के संविधान का सरासर उल्लंघन बताया जा रहा हैं. देश के अनेक राजनितीक पक्ष, छात्र संघटना, विविध स्तर पर विद्वानो द्वारा यह भी कहा जा रहा है की केंद्र सरकार ने ये जो बिल लाया है वह देश में धर्म के आधार पर बंटवारा करेगा जो समानता के अधिकार के खिलाफ है. संविधान को सुरक्षित रखने की जिम्मेवारी तथा नागरिकता संशोधन विधेयक के विषय मुद्दे की गंभिरता को देखते हुये संविधान मैत्री संघ के तत्वावधान में इस विषय पर विचार मंथन करने हेतू पूरोगामी विचारधारा रखनेवाले अनेक पक्ष संघटनो की स्थानीक रेस्ट हाउस में विशेष चर्चा बैठक बुलायी गयी.
इस बैठक में मुस्लिम मायनोरिटी ट्रस्ट के मेहताब खान, शादाब शेख़, गुलाम दस्तगीर, एमआयएम के सईम कुरैशी, ज़ाकिर अली, छप्परबंद शाह बिरादरी के अफजल शाह, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के जुबैर खान, फ़रहान कच्छी, परवेज़ बेग, तवरेज़ खान, नदीम खान, बसपा के दिनेश गेडाम, सीपीआई के मिलींद गणवीर, मातंग समाज संघ के वसंता गवली, गोंड़वाना गणतंत्र के गोपालसींग उईके, वंचित आघाड़ी के सतिश बनसोड, एस.डी.महाजन, विनोद ए. मेश्राम, आम आदमी पार्टी के पुरुषोत्तम मोदी, इत्यादी विविध पुरोगामी पक्ष संघटन के प्रमुख कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थीत हुये. बैठक में विधेयक को सांप्रदायिक विभाजन करनेवाला तथा संविधान को खत्म करनेवाला बताकर मिलकर आक्रोश आंदोलन करने पर सहमती बनी. आक्रोश आंदोलन की तारीख जल्द तय की जायेगी. बैठक का संचालन और उपस्थीतो का आभार व्यक्त संविधान मैत्री संघ के संयोजक अतुल सतदेवे ने किया.





