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Thursday, August 6, 2026
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शराब की दुकानो पर लगी भीड़… प्रशासन के निर्णय का संविधान मैत्री संघ ने किया विरोध

बुद्ध पौर्णिमा के दिन शराब की दुकाने सुरु करने का जिला प्रशासन का निर्णय निंदनीय- अतुल सतदेवे

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गोंदिया:- देश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन को 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. देश में दूसरे चरण का लॉकडाउन तीन मई तक था, लेकिन गृह मंत्रालय ने इसे बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया है. हालांकि इसमें कुछ रियायत भी दी गई हैं. लॉकडाउन के तीसरे चरण में शराब और पान की दुकानें खोलने के निर्देश दिए गए हैं. शराब को खरीदने के लिए लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा दीं. लोग सड़कों पर धक्का-मुक्की करते दिखे. ऐसे में संविधान मैत्री संघ ने प्रेस विज्ञप्ती जाहिर कर नाराजगी जाहिर की है तथा इस फैसले को गलत बताया. शराब की दुकान खुलने से सड़कों पर काफी भीड़ है. सडको पर लगी लोगो की लंबी कतार देखकर साफ नजर आ रहा है कि लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग की कोई चिंता नहीं है. संविधान मैत्री संघ के संयोजक अतुल सतदेवे ने कहा की ” सबने मिलकर इतने दिनों से जो मेहनत की और शांती बनाये रखी, शराब के ठेके खोल कर शासनने सब खराब कर दी. ये ठीक नहीं है. सड़कों पर इतने सारे लोग. सोशल डिस्टेंसिंग कहां गई? ये हम सब के लिये अच्छा नही. उन्होने कहा की क्या शराब की दुकान पर आने वाले ग्राहकों से कोरोना का खतरा नहीं बढ़ेगा? राज्य सरकारें अपने राजस्व के लालच में कोरोना को बढ़ावा दे रही हैं.
जिस तरह जिला प्रशासन ने बुद्ध जयंती के अवसर पर शराब की बिक्री की अनुमति देने की परंपरा कायम की है ये निर्णय निंदनीय है. संविधान मैत्री संघ इसका तिव्र विरोध करता है और ऐसा निर्णय लेने वाले अधिकारियो के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता है तथा राज्य शासन से राजस्व के लिये मद्य बिक्री का निर्णय वापस लेने की मांग करता है.