गोंदिया:- शराब की लत एक सामाजिक बुराई है और जिस तरह जिला प्रशासन ने बुद्ध जयंती के अवसर पर शराब की बिक्री की अनुमति देने की परंपरा कायम की है ये निर्णय निंदनीय है. संविधान मैत्री संघ तथा विविध गोंदिया जिला ओबिसी एससी एसटी व्हीजे/ एनटी मायनोरिटी वर्ग कम्युनिटी पक्ष संघटनो ने इस निर्णय का तिव्र विरोध किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया. सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुये उपविभागीय अधिकारी वंदना सवरंगपते ने ज्ञापन लिया. ज्ञापन मे विविध पक्ष संघटन सभी ने मिलकर संघटित रुप से जिला प्रशासन के बुद्ध जयंती के दिन शराब बिक्री के निर्णय लेने की गलत परंपरा कायम करने का पूरजोर विरोध किया तथा ये अफलातून निर्णय लेने वाले अधिकारियो के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. तथा पुन: इस तरह के निर्णय ना लेने विनती की.
सभी स्तर पर इस निर्णय का विरोध किया गया है. लॉक डाउन के चलते अनुयायीयो ने सोशल मीडिया के माध्यम से काला फीता बांधकर निषेध किया.
ज्ञापन प्रस्तुत करनवालो मे तथा निषेध करनेवालो मे संविधान मैत्री संघ के संयोजक अतुल सतदेवे, वंचित आघाड़ी व समता संग्राम परिषद की ओर से सतिश बनसोड, सर्वसमाज जयंती समिती के संयोजक पुरुषोत्तम मोदी, ड़ॉ. नामदेव किरसान, सैय्यद कमर अली, वसंता गवली, शब्बीर पठाण, कैलाश भेलावे, वकील संघटना के शैलेंद्र गडपायले, बहुजन युवा मंच सुनिल भोंगाडे, भारतिय बौद्ध महासभा के राजेन्द्र मेश्राम, सर्व समाज जयंती समिती के सहसंयोजक अबरार सिद्दिकी, रवि भांडारकर, प्रकाश तांडेकर, परेश दुरुगवार, सुरेंद्र सोनवाने, राजु नागरीकर, उमेश दमाहे दिनेश उके, अनिल गोंडाने, चित्रा पाटील, आभा मेश्राम, पौर्णिमा नागदेवे, नगमा शेख, माधुरी पाटील, लक्ष्मी राऊत, सायमा खान, मीलन चौधरी, अरुण बन्नाटे तथा सामाजिक संघटनो मे ओबिसी संघर्ष कृती समिती, अवामे मुस्लिम गोंदिया, आदिवासी पीपल्स फेडरेशन आदि ने निषेध दर्ज किया.
बुद्ध पोर्णिमा के दिन शराब बिक्री की अनुमती दिये जाने के निर्णय का जाहिर निषेध.. मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
लॉक डाउन के चलते अनुयायीयो ने सोशल मीडिया के माध्यम से काला फीता बांधकर निषेध किया




