भारत का माहौल वैज्ञानिकों को हताश करने वाला : राव

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पुणे। भारत रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक सी एन आर राव का कहना है कि देश का माहौल वैज्ञानिकों को हताश करने वाला है। नाकामी पर होने वाली खिंचाई के डर से वैज्ञानिक नई खोज के लिए काम करने से डरते हैं। राव ‘डूइंग साइंस इन इंडिया’ विषय पर यहां बोल रहे थे।
उनका कहना है कि अगर आप भारत में वैज्ञानिक हैं तो ज्यादा संभावना है कि आप अवसादग्रस्त हो जाएं। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा सिद्धांतों को सुधारने के बजाय अब भारतीय वैज्ञानिकों को नए अविष्कारों पर ध्यान देना चाहिए।’ राव के मुताबिक भारतीय समाज अभी नाकामी की अहमियत नहीं समझता। देश में अनुसंधान और खोज में रुकावट की सबसे बड़ी वजह है- नाकामी का डर। कहा कि हम भारतीय खामियां निकालने में माहिर हैं। यही वजह है कि वैज्ञानिक भी नई खोजें करने में डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर वे अपनी कोशिश में कामयाब नहीं हो पाए तो लोग उनका मजाक बनाएंगे।
सुर्खियों में नहीं दिखती नई खोज:
राव ने कहा, पहले अनुसंधान के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और फंडिंग बहुत कम थी फिर भी काफी खोजें होती थीं। पिछले 20 सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार हुआ है लेकिन नई खोज कहीं सुर्खियों में नहीं दिखाई दी।’